IAS अधिकारी मिश्रा को गृह मंत्रालय का कारण बताओ नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में अतिरिक्त सचिव (गृह) रह चुके तथा फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के पूर्व प्रमुख आईएएस अधिकारी सौम्यकेतु मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि दिल्ली से मिजोरम स्थानांतरण के लगभग दो महीने बाद भी उन्होंने नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 18 जून को जारी मेमोरेंडम में सौम्यकेतु मिश्रा से पूछा है कि स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना करने और निर्धारित समय में मिजोरम में रिपोर्ट नहीं करने के लिए उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। मंत्रालय ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
सौम्यकेतु मिश्रा को 19 फरवरी 2026 को दानिक्स सेवा से पदोन्नत कर यूटी कैडर के आईएएस अधिकारियों में शामिल किया गया था। पदोन्नति के बाद लागू स्थानांतरण नीति के तहत 14 अप्रैल को उनका तबादला दिल्ली से मिजोरम कर दिया गया था। नियमों के अनुसार उन्हें 15 दिनों के भीतर नई तैनाती पर रिपोर्ट करना था।
हालांकि, मिश्रा ने 16 अप्रैल को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली में ही बनाए रखने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने 17 अप्रैल को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया ताकि वे मिजोरम में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें। गृह मंत्रालय ने उनके अनुरोध पर विचार करने के बाद उसे निराधार मानते हुए 14 मई को खारिज कर दिया था और तत्काल मिजोरम में कार्यभार ग्रहण करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद अब तक मिजोरम में रिपोर्ट न करने को गृह मंत्रालय ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है। मंत्रालय के नोटिस के बाद अब मिश्रा के जवाब और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।