पिनराई विजयन की बेटी वीणा को ईडी का फिर समन, 29 जून को पूछताछ के लिए बुलाया, CMRL मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच तेज

तिरुवनंतपुरम। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan की बेटी Veena T की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीएमआरएल (कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वीणा को दोबारा समन जारी किया है। ईडी ने उन्हें 29 जून को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। इससे पहले 17 जून को एजेंसी ने उनसे नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
सूत्रों के अनुसार, पहली पूछताछ के दौरान दर्ज किए गए बयानों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद एजेंसी को कुछ नए तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की आवश्यकता महसूस हुई। इसी के आधार पर वीणा को फिर से तलब किया गया है। मामले को लेकर केरल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है और विपक्ष राज्य सरकार पर लगातार हमलावर है।
ईडी की जांच उस कथित वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित है, जिसमें खनन कंपनी सीएमआरएल द्वारा वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह राशि किसी वास्तविक सेवा के बदले नहीं दी गई थी। एजेंसी के अनुसार भुगतान होने के बावजूद एक्सालॉजिक की ओर से कोई ठोस सेवा प्रदान नहीं की गई, जिसके कारण पूरे लेनदेन को संदिग्ध माना जा रहा है।
जांच के दौरान अब तक चार अन्य आरोपियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। 19 जून को ईडी अधिकारियों ने तिरुवनंतपुरम में वीणा के बैंक लॉकरों का निरीक्षण भी किया था। एजेंसी का मानना है कि मामले से जुड़े वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन की श्रृंखला जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ईडी के मुताबिक, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक Sasidharan Kartha की कंपनी एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का कर्ज भी दिया था। एजेंसी का आरोप है कि यह ऋण निर्धारित समय में वापस नहीं किया गया। ईडी का कहना है कि इन वित्तीय लेनदेन के जरिए कथित तौर पर ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ उत्पन्न हुए, जिसके चलते धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब Serious Fraud Investigation Office ने अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की अदालत में अभियोजन शिकायत दायर की थी। एसएफआईओ ने आरोप लगाया था कि एक्सालॉजिक और सीएमआरएल के बीच ऐसा समझौता हुआ था जिसके तहत बिना किसी वास्तविक सेवा के भुगतान किया गया। इससे पहले जनवरी 2019 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान सीएमआरएल में करीब 130 करोड़ रुपये के संदिग्ध फर्जी खर्च और वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले थे। इसके बाद से कंपनी विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में बनी हुई है।
हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है तथा आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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