IIT कानपुर से अमेरिका तक: सिद्धार्थ सक्सेना ने बताया कैसे एक दिन में कमाए 77 करोड़ रुपये, 26 साल की उम्र में बने करोड़पति

नई दिल्ली: IIT कानपुर के पूर्व छात्र और टेक उद्यमी सिद्धार्थ सक्सेना इन दिनों एक इंटरव्यू की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (करीब 76.99 करोड़ रुपये) की कमाई की थी। कंटेंट क्रिएटर विराज अला के साथ बातचीत में उन्होंने अपनी पढ़ाई, स्टार्टअप यात्रा और सफलता के पीछे की सोच साझा की।
एक दिन में 77 करोड़ रुपये की कमाई का दावा
इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने एक साल में सबसे अधिक कितनी कमाई की, तो उन्होंने जवाब दिया कि उससे भी बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर कमाए। उन्होंने बताया कि वह 26 वर्ष की उम्र में करोड़पति (मिलियनेयर) बन गए थे।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह राशि किस सौदे, निवेश या कंपनी के वैल्यूएशन से जुड़ी थी।
IIT कानपुर से शुरू हुआ सफर
सिद्धार्थ सक्सेना ने वर्ष 2019 में IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि IIT कानपुर के कंप्यूटर साइंस कार्यक्रम में प्रवेश पाना हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिले से भी कहीं अधिक कठिन है।
पढ़ाई के बाद उन्होंने Envestnet, Yodlee, Wadhwani AI, Aalto University (फिनलैंड) और Jumio जैसी संस्थाओं में मशीन लर्निंग इंजीनियर के रूप में काम किया।
AI स्टार्टअप Merlin के सह-संस्थापक
साल 2022 में सिद्धार्थ ने अपने IIT कानपुर के साथियों प्रत्युष राय और सिरसेंदु सरकार के साथ मिलकर Merlin नामक AI आधारित Chrome एक्सटेंशन की सह-स्थापना की। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्टार्टअप का मूल्यांकन लगभग 5 करोड़ डॉलर (50 मिलियन डॉलर) बताया जाता है। इसके अलावा वह Thine के भी सह-संस्थापक हैं।
सफलता के लिए ‘Abundance Mindset’ जरूरी
सिद्धार्थ का मानना है कि भारत में कई लोग सीमित संसाधनों के कारण “Scarcity Mindset” के साथ बड़े होते हैं, जबकि उद्यमियों के लिए “Abundance Mindset” यानी अवसरों को पहचानने और जोखिम लेने की सोच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में कई लोग अपनी पसंद और रुचि के आधार पर काम चुनते हैं, जबकि भारत में बड़ी संख्या में लोग मजबूरी और आर्थिक जरूरतों के कारण करियर का चुनाव करते हैं।
16 साल की उम्र में नहीं था ऐसा सपना
जब उनसे पूछा गया कि क्या 16 साल की उम्र में उन्होंने इतनी बड़ी सफलता की कल्पना की थी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “बिल्कुल नहीं।” उनका मानना है कि मेहनत, सीखने की इच्छा और बड़े लक्ष्य रखने की सोच ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।


