राज्यसभा चुनाव: चुनाव आयोग से मीनाक्षी के नॉमिनेशन खारिज की शिकायत
आयोग ने 2 घंटे में फैसला लेने की बात कही, भोपाल में कांग्रेस का सामूहिक उपवास

नई दिल्ली/ भोपाल। प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात की।
कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, हमने चुनाव आयोग के सामने विस्तार से अपनी बात रखी। सुश्री नटराजन का नामांकन इस आधार पर रद्द कर दिया गया कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है, यानी ऐसा कोई केस नहीं था जिसका खुलासा किया जाना चाहिए था।
चुनाव आयोग के पास न्याय करने और अपनी गलती सुधारने का अधिकार है। हमें उम्मीद है कि आयोग समझेगा कि नामांकन रद्द होने से उम्मीदवार को समान अवसर नहीं मिलता, जो लोकतंत्र की मूल भावना और संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है।
हमने आयोग से जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख अभी है और फैसला लेने के लिए पर्याप्त समय है। यह फैसला पूरी तरह गलत, गैर-कानूनी और बिना किसी कानूनी आधार के लिया गया है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत रद्द किया जाए। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि आयोग ने दो घंटे के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल थे।



