राज्यसभा चुनाव विवाद: नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का भोपाल से लेकर दिल्ली तक धरना, कल चुनाव आयोग से मुलाकात, अदालत जा सकता है मामला

भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अर्पित शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। प्रदेश कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपों को निराधार बताया। कहा- मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण नहीं है। उन्हें कोर्ट से केवल एक नोटिस मिला था। नामांकन रद्द होने के फैसले के खिलाफ हम अदालत जाएंगे। दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल भारत निर्वाचन आयोग के पास पहुंचा। यहां धरना भी दिया। रात को मीनाक्षी नटराजन दिल्ली रवाना हो गई हैँ.
इस मामले में मुख्य घटनाक्रम यह है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद विवाद राजनीतिक और संवैधानिक स्तर तक पहुंच गया है। अब भारत निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को 10 जून को नई दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है।
क्या है पूरा मामला?
18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार हैं।
राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।
इसके बाद आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को 10 जून दोपहर 12 बजे निर्वाचन सदन, नई दिल्ली में सुनवाई/चर्चा के लिए समय दिया।
कांग्रेस का पक्ष
मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन खारिज किए जाने को राजनीतिक साजिश बताया है। कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने कहा कि:
नटराजन के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है।
उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
केवल 10 करोड़ रुपये के कथित मुआवजा-वसूली संबंधी नोटिस जारी हुआ था, जिसका जवाब पहले ही दिया जा चुका है।
भाजपा जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा पर साजिश का आरोप
ए. रेवंत रेड्डी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होना लोकतंत्र पर हमला है।
भाजपा चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
यह “सीट चोरी” की राजनीति का उदाहरण है।
कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
आगे क्या होगा?
10 जून को निर्वाचन आयोग कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की बात सुनेगा। इसके बाद आयोग यह तय कर सकता है कि:
रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय को बरकरार रखा जाए।
मामले की विस्तृत जांच कराई जाए।
यदि प्रक्रिया में कोई त्रुटि पाई जाती है तो आवश्यक कानूनी या चुनावी कार्रवाई की जाए।
इस बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी को लेकर विवाद किस दिशा में आगे बढ़ेगा और 18 जून के राज्यसभा चुनाव पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
सीएम डॉ. मोहन बोले- आत्ममंथन करे कांग्रेस
भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नामांकन रद्द होने के पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी छिपाई थी, जबकि उसे घोषित किया जाना चाहिए था। लेकिन, दुर्भाग्यवश कांग्रेस के लोगों ने यह जानकारी छिपाई। जो निर्णय लिया गया है, मैं इस जांच प्रक्रिया का स्वागत करता हूं। अब कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए। सीएम डॉ.यादव ने कहा कि कांग्रेसी भय में थे। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं।









