अयोध्या जाएंगे अरविंद केजरीवाल, रामलला के दर्शन कर चढ़ावा विवाद पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने घोषणा की है कि वह 26 जून को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों ने सनातन समाज को आहत किया है और वह स्वयं अयोध्या जाकर भगवान रामलला के दर्शन करेंगे।

केजरीवाल ने अपने बयान में राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले को लेकर सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उनके अनुसार, यदि मामले में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी गंभीर प्रकृति के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच पर टिकी नजरें

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दल लगातार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि मंदिर ट्रस्ट की ओर से पहले आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया था कि सभी वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है।

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच टीम कथित वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े आरोपों की पड़ताल कर रही है। हाल के दिनों में जांच की प्रक्रिया तेज होने की भी खबरें सामने आई हैं।

अदालत में भी पहुंचा मामला

चढ़ावा विवाद से जुड़ा मामला न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रकरण को लेकर एक याचिका दायर की गई है, जिसमें स्वतंत्र एजेंसी या केंद्रीय जांच की मांग के साथ-साथ चढ़ावे और वित्तीय लेनदेन का व्यापक ऑडिट कराने की भी मांग उठाई गई है। मामले पर आगे की सुनवाई को लेकर भी निगाहें बनी हुई हैं।

हालांकि, इस पूरे विवाद में लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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