Twisha Sharma Case: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- निष्पक्ष जांच जरूरी, मीडियाई बयान न आएं…

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने अभिनेत्री Twisha Sharma की मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने कहा कि यह “दुर्भाग्यपूर्ण घटना” है और इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने मामले को सनसनीखेज बनाने से बचने की सलाह भी दी।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक तौर पर इसे “अप्राकृतिक मृत्यु” का मामला माना। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि केस में कई पहलू हैं, जिनमें दूसरा पोस्टमार्टम भी शामिल है, जो पूरा हो चुका है। उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार या दूसरे पक्ष के लगातार बयान प्रसारित करने से जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने कहा कि मामले को कानून और तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए।

गवाहों और आरोपियों के मीडिया में बयान देने पर रोक
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पूर्व न्यायाधीश और मृतका की सास गिरिबाला सिंह एक चैनल से दूसरे चैनल पर जाकर त्विषा को बदनाम कर रही हैं। इससे जांच में बाधा हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए संभावित गवाहों और आरोपियों के मीडिया को बयान देने पर रोक लगा दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल के इस आश्वासन पर ध्यान दिया है कि सीबीआई जांच के संबंध में जल्द ही फैसला लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना का सामना करने से बेहतर है कि बेटी का तलाक हो जाए।

घटना की हो निष्पक्ष जांच : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि घटना की निष्पक्ष जांच हो। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से अनुरोध किया है कि वह पीड़िता के परिवार के बयान रिकॉर्ड न करे और उनके दर्द को सनसनीखेज बयानों तक सीमित न करे। सुप्रीम कोर्ट ने त्विषा शर्मा के शव का तुरंत दूसरा पोस्टमार्टम कराने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की सराहना की।

सीजेआई ने यह भी कहा कि मृतका की सास पूर्व जिला न्यायाधीश हैं और यह कहना गलत है कि न्यायपालिका निष्पक्ष सुनवाई नहीं होने देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि पीड़ित पक्ष, आरोपी और जांच एजेंसियां सभी जांच में सहयोग करेंगे। अदालत ने कहा कि उसे सरकारी एजेंसियों और Central Bureau of Investigation पर पूरा विश्वास है और जांच तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचेगी।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने आरोप लगाया कि मृतका की सास गिरिबाला सिंह विभिन्न टीवी चैनलों पर जाकर बयान दे रही हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मामले से जुड़े संभावित गवाह और आरोपी मीडिया में बयान नहीं

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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