दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव: पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को बनाया प्रत्याशी, भाजपा के आशुतोष तिवारी से होगी टक्कर
भोपाल। मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। अब दतिया में उनका सीधा मुकाबला भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से होगा। दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवार तय होने के साथ ही चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
कांग्रेस ने अनुभवी चेहरे पर जताया भरोसा
कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है। वे पहले सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव और स्थानीय संगठन पर पकड़ का लाभ उपचुनाव में मिलेगा।
भाजपा ने बदला उम्मीदवार, बढ़ी राजनीतिक हलचल
इससे पहले भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। इस फैसले के बाद दतिया में भाजपा के भीतर विरोध और नाराजगी देखने को मिली। कई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया, जिससे यह सीट राज्य की सबसे चर्चित चुनावी सीटों में शामिल हो गई।
क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद उपचुनाव कराया जा रहा है। इसी कारण निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। दोनों दल इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल मानकर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।
चुनाव प्रचार होगा तेज
नामांकन प्रक्रिया जारी है और अब कांग्रेस व भाजपा दोनों अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार अभियान तेज करेंगी। आने वाले दिनों में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की जनसभाएं, रोड शो और चुनावी रैलियां दतिया में देखने को मिल सकती हैं। भाजपा में टिकट बदलाव के बाद पैदा हुई परिस्थितियों और कांग्रेस के अनुभवी उम्मीदवार के मैदान में उतरने से दतिया उपचुनाव मध्य प्रदेश की सबसे अहम राजनीतिक लड़ाइयों में से एक बन गया है।




