तेल कंपनियों का मुनाफा 130 %, फिर भी जनता कि जेब पर डाका….

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद Manish Tewari ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब सरकारी तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं, तब आम लोगों पर लगातार ईंधन कीमतों का बोझ डालना उचित नहीं है।
तिवारी के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 77,280 करोड़ रुपये का संयुक्त मुनाफा कमाया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 130% अधिक बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जनवरी-मार्च 2026 के दौरान वैश्विक तनाव और कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनियों का लाभ बढ़ता रहा।
उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri से पूछा कि यदि कंपनियां लाभ में हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी क्यों की जा रही है।
वहीं कांग्रेस सांसद Manickam Tagore ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तेल कंपनियों के घाटे का तर्क अब टिकता नहीं दिखता। उनका आरोप है कि कंपनियों के मुनाफे के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही और आम जनता महंगे ईंधन का बोझ उठा रही है।
यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है जब देश में ईंधन कीमतें महंगाई, परिवहन लागत और रोजमर्रा के खर्चों पर सीधा असर डाल रही हैं। सरकार की ओर से अब तक यह तर्क दिया जाता रहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, टैक्स संरचना और तेल कंपनियों की लागत के आधार पर तय होती हैं।





