MP: 3 गांव बनेंगे ‘5G इंटेलिजेंट विलेज’: इंटरनेट की मदद से 8 राज्यों के 10 गांवों की बदलेगी सूरत
भोपाल। प्रदेश के तीन गांवों को ‘5जी इंटेलिजेंट विलेज’ बनाया जाएगा। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को अपने X हैंडल पर यह जानकारी दी। योजना में देशभर के आठ राज्यों के 10 गांव शामिल किए गए हैं। इसमें गुना लोकसभा सीट के तीन गांव भी शामिल हैं।
इसका उद्देश्य ग्रामीण जीवन में बदलाव लाने, डिजिटल समावेशन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 5जी टेक्नोलॉजी का उपयोग करना है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 जून को दूरसंचार मंत्रालय का पदभार ग्रहण किया था। एक सप्ताह बाद देश के ग्रामीण इलाकों को ‘5जी इंटेलिजेंट विलेज’ और ‘क्वांटम एन्क्रिप्शन एल्गोरिद्म’ प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इनमें गुना का आरी, अशोकनगर जिले का रावसर और शिवपुरी जिले का बांसखेड़ी गांव शामिल है।
सिंधिया ने X पर लिखा-जय अनुसंधान
सिंधिया ने लिखा, जय अनुसंधान ! यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दूरसंचार विभाग दो महत्वपूर्ण पहलों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित कर रहा है:
• 5G इंटेलिजेंट विलेज ।
• क्वांटम एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम।
मैं सभी एमएसएमई, स्टार्ट-अप, शिक्षाविदों और सरकारी विभागों से आग्रह करता हूं कि वे दूरसंचार उत्पादों और समाधानों के प्रौद्योगिकी डिजाइन, विकास और व्यवसायीकरण में शामिल हों। इन परिवर्तनकारी पहलों के लिए आवेदन करें।
देशभर के ये 10 गांव शामिल
• धर्मज, जिला- आणंद, गुजरात, रामगढ़ उर्फ राजाही, जिला- गोरखपुर, उत्तरप्रदेश, आनंदपुर जलबेरा, जिला- अंबाला, हरियाणा, बाजारगांव, जिला- नागपुर, महाराष्ट्र, भगवानपुरा, जिला- भीलवाड़ा, राजस्थान, डबलोंग, जिला- नागांव, असम, रावसर, जिला- अशोकनगर, मध्य प्रदेश, आरी, जिला- गुना, मध्य प्रदेश, बांसखेड़ी, जिला- शिवपुरी, मध्य प्रदेश, बुर्रीपालेम, जिला- गुंटूर, आंध्र प्रदेश
ग्रामीण इलाकों में बदलाव लाना उद्देश्य
इन गांवों को 5जी के अल्ट्रा-रिलायबल लो-लेटेंसी कम्युनिकेशन (यूआरएलएलसी) और मैसिव मशीन टाइप कम्युनिकेशन (एमएमटीसी) टेक्नीक का उपयोग करने के लिए प्रस्ताव बुलाए गए हैं, जो 5जी कनेक्टिविटी के फायदों को बताते हैं।इन प्रस्तावों में भागीदारी के लिए उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप, शिक्षा जगत और सरकारी विभागों को भी आमंत्रित किया गया है।
इसका लक्ष्य है कि 5G टेक्नोलॉजी की मदद से ग्रामीण इलाकों में बदलाव लाया जा सके। इससे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे रोजगार बढ़ाने में भी मटट मिलेगी। आवेदन की अंतिम तारीख 31 जलाई है।





