पटना मे टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई: निलंबित IAS योगेश कुमार सागर और अभिलाषा शर्मा के ठिकानों पर छापे, दोनों गायब
पटना। बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले की जांच में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित आईएएस अधिकारियों योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा के आवासों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने ठेकेदार रिशुश्री से जुड़े कारोबारी और मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया।
सूत्रों के अनुसार, पटना में की गई इस कार्रवाई के दौरान दोनों आईएएस अधिकारी और पवन कुमार अपने-अपने ठिकानों पर नहीं मिले। एसवीयू की टीम ने योगेश कुमार सागर के गर्दनीबाग स्थित आवास और अभिलाषा कुमारी शर्मा के नेहरू पथ स्थित घर की तलाशी ली।
कमीशन लेकर टेंडर में हेराफेरी का आरोप
यह मामला सरकारी विभागों में टेंडर आवंटन के दौरान कथित रूप से कमीशन लेकर नियमों में हेराफेरी करने से जुड़ा है। मामले की जांच बिहार सरकार की विशेष निगरानी इकाई (SVU) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों कर रहे हैं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और रिश्वत तथा कमीशन के माध्यम से आर्थिक फायदा लेने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। इसी मामले में दोनों आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
ईडी जांच में सामने आई यूरोप यात्रा
ईडी की जांच में दावा किया गया है कि ठेकेदार रिशुश्री ने वर्ष 2024 में तत्कालीन बुडको (BUDCO) अधिकारी योगेश कुमार सागर और उनके रिश्तेदारों की यूरोप यात्रा का खर्च उठाया था।
जांच दस्तावेजों के अनुसार 22 से 30 जून 2024 के बीच हुई इस यात्रा में योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के सदस्य ऑस्ट्रिया के वियना, साल्जबर्ग और सेंट वोल्फगैंग जैसे शहरों में गए थे। एजेंसी के अनुसार यात्रा, आवास और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च किए गए, जिसका भुगतान कथित तौर पर रिशुश्री की ओर से किया गया था।
बुडको में तैनाती के दौरान लगे आरोप
उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी योगेश Kumar सागर पेशे से डॉक्टर हैं और उन्होंने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। आरोपों के समय वह बिहार शहरी अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (BUDCO) में पदस्थ थे।
अभिलाषा शर्मा पर भी जांच एजेंसियों की नजर
बिहार के नवादा की रहने वाली अभिलाषा कुमारी शर्मा वर्ष 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उनके पास बीटेक और लोक प्रशासन में एमए की डिग्री है। जांच एजेंसियों के अनुसार उनके खिलाफ भी कथित अनुचित लाभ प्राप्त करने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
मामले में ईडी की जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आया है कि अभिलाषा शर्मा के आवास पर की गई छत की बागवानी और अन्य कार्यों पर रिशुश्री की ओर से करीब 9 लाख रुपये खर्च किए गए थे। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जांच जारी, बढ़ सकती है कार्रवाई
टेंडर घोटाले की जांच अभी जारी है। एसवीयू और ईडी दोनों वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और कथित लाभों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।.