ट्विशा शर्मा डेथ केस में नया मोड़: रिटायर्ड जज सास ने लगाए गंभीर आरोप, अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पहली बार सामने आईं

भोपाल। ट्विशा शर्मा आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में सोमवार को नया मोड़ तब आया, जब मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत भोपाल कोर्ट ने खारिज कर दी। इसके तुरंत बाद समर्थ की मां और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह पहली बार मीडिया के सामने आईं और मृतका ट्विशा व उसके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

गर्भपात के बाद अवसाद में थी ट्विशा”
गिरीबाला सिंह का दावा है कि ट्विशा ने अपनी मर्जी से गर्भपात कराया था और उसके बाद वह मानसिक तनाव व अवसाद से गुजर रही थी। उन्होंने कहा कि वह और उनका बेटा समर्थ दोनों पेशेगत कारणों से दिनभर घर से बाहर रहते थे, जिसके कारण ट्विशा लंबे समय तक अकेली रहती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विशा की मां को कई बार भोपाल आकर बेटी के साथ रहने की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। गिरीबाला के मुताबिक, ट्विशा अक्सर नाराज होकर मायके चली जाती थी और परिवार रिश्ते को संभालने की कोशिश करता रहा।

शादी का प्रस्ताव वो खुद लेकर आई थी
पूर्व जज ने कहा कि ट्विशा पहली बार उनके घर आई थी और उसी दौरान उसने समर्थ के साथ अपने प्रेम संबंध और शादी की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद वे स्वयं दिल्ली जाकर ट्विशा के परिवार से मिलीं। शुरुआत में उन्हें पूरा परिवार “संस्कारी” लगा, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि ट्विशा “ग्लैमर इंडस्ट्री की लाइफस्टाइल” से प्रभावित थी। हालांकि, इस तरह के व्यक्तिगत आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक जांच एजेंसियों या अदालत द्वारा नहीं की गई है।

आरोप: ड्रग्स की लत थी

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गिरीबाला सिंह ने यह भी दावा किया कि शादी के कुछ समय बाद उन्हें लगा कि ट्विशा किसी नशे की आदी थी। उनके अनुसार, ट्विशा का व्यवहार अचानक बदल जाता था और वह दिल्ली जाने की जिद करती थी। उन्होंने कहा कि परिवार ने उसकी काउंसलिंग कराने और साथ निभाने की कोशिश की।इस मामले में अब तक पुलिस या मेडिकल जांच की ओर से किसी नशे की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है।

देश सेवा से जुड़ा है परिवार

मीडिया से बातचीत के दौरान गिरीबाला सिंह भावुक भी दिखीं। उन्होंने कहा कि ट्विशा की मौत के बाद भी दोनों परिवारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतका का परिवार इस मामले को “माइलेज” देने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पति शहीद हुए थे, एक बेटा विंग कमांडर है और दूसरा आपराधिक मामलों का वकील है। गिरीबाला सिंह ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को अदालत में धमकाए जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।

जांच पर सबकी नजर
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब जांच एजेंसियों की भूमिका अहम मानी जा रही है। ट्विशा के परिवार ने पहले ही निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग उठाई है। वहीं गिरीबाला सिंह ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सरकार चाहे तो किसी भी एजेंसी से जांच करा सकती है।
फिलहाल, अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद समर्थ सिंह की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं और आने वाले दिनों में पुलिस कार्रवाई तेज हो सकती है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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