परिवहन चेक पोस्ट शुरु करने पर हाईकोर्ट ने दिया स्टे, पिछले महीने उच्च न्यायालय ने ही दिया था शुरु करने का आदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आज प्रदेशभर में बंद पड़े परिवहन (आरटीओ) चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने के अपने पूर्व आदेश पर स्टे (रोक) लगा दी है। इससे परिवहन क्षेत्र में हलचल मच गई है और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को राहत मिली है।
हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने 22 अप्रैल 2026 को एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए थे कि सभी बंद चेक पोस्ट 30 दिनों के अंदर दोबारा चालू किए जाएं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका और ओवरलोडिंग नियंत्रण से जुड़े मुद्दे पर दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि चेक पोस्ट बंद करने का 30 जून 2024 का सरकारी आदेश कोर्ट की पूर्व अंडरटेकिंग और 2018 के स्टे ऑर्डर का उल्लंघन है। चेक पोस्ट सडक़ सुरक्षा, ओवरलोडिंग रोकथाम और परिवहन नियमों के पालन के लिए जरूरी हैं।
आज हाईकोर्ट ने उसी आदेश पर स्टे दे दिया। इससे चेक पोस्ट दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रुक गई है। यह फैसला संभवत: सरकार की अपील या संबंधित पक्षों की याचिका पर आया है। भोपाल के ट्रांसपोर्टर अमन भोंसले ने हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए स्टे ऑर्डर जारी किया गया है।
1 जुलाई 2024 से प्रदेश के अंतरराज्यीय चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे। सरकार का तर्क था कि इससे परिवहन क्षेत्र को सुविधा मिलेगी और अनावश्यक चेकिंग से बचत होगी। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अप्रैल के अंत में कहा था कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देगी और लीगल ओपिनियन ले रही है।
चेक पोस्ट दोबारा खुलने से ओवरलोडिंग चेकिंग बढऩे और कथित उत्पीडऩ का डर था। वे आंदोलन की चेतावनी दे रहे थे। आज का स्टे उन्हें राहत देगा। परिवहन विभाग नई एसओपी (स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) बनाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब स्थिति अनिश्चित हो गई है। सरकार अब डिवीजन बेंच में अपील दायर कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई में अंतिम फैसला आने की उम्मीद है। यह मुद्दा सडक़ सुरक्षा बनाम परिवहन व्यवसाय सुविधा के बीच संतुलन का प्रतीक बन गया है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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