जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू भड़के, जमीन की कीमत न्यूयॉर्क के बराबर और प्रति व्यक्ति GDP…
नई दिल्ली। ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी जोहो के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बू का कहना है कि भारत में प्रति व्यक्ति आय का स्तर बहुत कम होने के बावजूद, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में जमीन की कीमत न्यूयॉर्क के बराबर है। उन्होंने इसके लिए राजनीतिक भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक भ्रष्टाचार का बहुत सारा पैसा रियल एस्टेट में लगाया जाता है। इससे रियल एस्टेट की कीमतें बढ़ती हैं जो आगे चलकर हर चीज पर असर डालती हैं।
वेम्बू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि देश में राजनीतिक भ्रष्टाचार की वजह से रियल एस्टेट की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे तमिलनाडु जैसे अर्बनाइज्ड स्टेट्स में लिविंग कॉस्ट बढ़ रही है और जन्म दर में गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे शहरी इलाकों में जमीन की कीमत हमारी प्रति व्यक्ति जीडीपी के हिसाब से होनी चाहिए। देश में जमीन की कीमत और प्रति व्यक्ति जीडीपी का अनुपात शायद भारत में दुनिया में सबसे अधिक है।
खर्च बढ़ने का असर
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल रियल एस्टेट तक ही सीमित नहीं हैं। प्राइवेट स्कूलों के लिए रेगुलेटरी नियमों को लागू करने में भ्रष्टाचार से स्कूल की फीस बढ़ जाती है। इसी तरह हेल्थकेयर में ऐसी ही समस्याओं से मेडिकल खर्च बढ़ जाता है। रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन की ज्यादा कीमतों की वजह से रिटेलर्स को ज्यादा किराया देना पड़ता है। इससे घर के सामान की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
वेम्बू का कहना है कि मकान, शिक्षा, हेल्थकेयर और घर के सामान की कीमत अब ज्यादा है। बढ़ते खर्च के व्यापक सामाजिक और डेमोग्राफिक नतीजे होते हैं। आम आदमी पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि युवा शादी टाल रहे हैं, बच्चे पैदा करने में देरी करते हैं या कम बच्चे पैदा करते हैं। इसका सीधा असर हमारी डेमोग्राफिक्स पर पड़ता है।
जन्म दर में गिरावट
जोहो के फाउंडर ने कहा कि देश के कई हिस्से इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन देश के सबसे ज्यादा अर्बनाइज्ड स्टेट्स में से एक तमिलनाडु पर इसका खास असर पड़ा है। भ्रष्टाचार को समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में जन्म दर के रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे गिरने की एक मुख्य वजह भ्रष्टाचार है।