PHE : एमपी में बंद होगा पी एच ई विभाग, शहरों में नगरीय निकाय और गावों में पंचायत विभाग में मर्ज होगा…

भोपाल। गांव से लेकर शहर तक लोगों के लिए पीने के पानी का इंतजाम करने वाला मध्यप्रदेश का सबसे पुराना लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अमले को मोहन सरकार दो विभागों में मर्ज करने जा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को ली नीतिगत मामलों की एजेंडेवार बैठक में मौखिक सहमति दे दी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पीएचई का अमला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत विभाग के अमले को नगरीय विकास एवं आवास विभाग को दिया जाएगा। विभाग को पूरी तरह खत्म किया जाएगा या नहीं, इस पर निर्णय होना बाकी है।

सीएम का निर्णय केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के उस फैसले के अधीन है, जिसमें कुछ दिन पहले ही केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों से अपेक्षा की है कि एकल नल-जल योजना का पूरा जिम्मा पीएचई से लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को दे दिया जाए। एमपी में इस पर पहले से काम चल भी रहा था कि अब पीएचई को ही दो विभागों में मर्ज करने की तैयारी है। उधर ओंकारेश्वर व ममलेश्वर को मिलाकर ओंकारेश्वर-ममलेश्वर विकास प्राधिकरण (ओएमडीए) बनाए जाने पर भी विचार हुआ है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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