MP : वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने दिखाया अफसरों को आईना… जन सुनवाई में जहर खाने और अवैध खनन पर नाराजगी…

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रशासनिक व्यवस्था, अवैध खनन और जनसुनवाई में बढ़ती गंभीर घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को आइना दिखाते हुए कहा कि लोगों का जहर खाना या आत्मदाह करना शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता और कमजोर कानून व्यवस्था को दिखाता है। जनसुनवाई में लोग जहर खा रहे हैँ, ये कैसा सुशासन है?
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अवैध खनन करने वालों में इतना दुस्साहस कैसे आ रहा है कि वे ट्रैक्टर या बाइक चढ़ाने जैसी घटनाएं कर रहे हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों और एसपी को निर्देश दिए कि अवैध खनन और खनिज परिवहन में लगे बिना नंबर प्लेट या क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट वाले वाहनों को तुरंत राजसात किया जाए और जल्द नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो। साथ ही पुराने खनन मामलों की समीक्षा कर यह पता लगाने को कहा गया कि किन मामलों में अब तक सजा नहीं हुई है और लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई केवल औपचारिक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता को राहत देने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। अधिकारियों को शिकायतों का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान करना चाहिए ताकि लोगों में शासन के प्रति भरोसा बढ़े।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश को नशा और ड्रग्स मुक्त बनाने का लक्ष्य भी दोहराया और अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
नरवाई जलाने के बढ़ते मामलों पर जबलपुर और नरसिंहपुर प्रशासन को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को सीडर मशीनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए और जागरूकता अभियान तेज हों।
प्रदूषण के मुद्दे पर मैहर और सिंगरौली को सबसे अधिक प्रदूषित बताते हुए वहां विशेष जांच और निगरानी के निर्देश दिए गए।
प्रदूषण के मुद्दे पर मैहर और सिंगरौली को सबसे अधिक प्रदूषित बताते हुए वहां विशेष जांच और निगरानी के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी सामने आया कि विभिन्न जिलों में 104 सरकारी हैंडपंपों पर निजी कब्जा है। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित कलेक्टरों से तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा।
खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा में उन्होंने कहा कि डीएपी के साथ-साथ एनपीके खाद वितरण के लिए भी टोकन व्यवस्था लागू की जाए ताकि किसानों की भीड़ और अव्यवस्था न हो।
इसके अलावा बारिश से पहले पुल-पुलियों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने और जलाशयों में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। खास तौर पर बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे का उल्लेख करते हुए सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने पर जोर दिया.





