किसान महापंचायत में मंत्री पंवार बोले – कितना भी बड़ा उद्योगपति आ जाए या सीएम, आपके साथ खड़ा रहूंगा, पहले मैं इस्तीफा दूंगा फिर बात होगी

ब्यावरा. शहर से 15 किलोमीटर दूर बांकपुरा गांव में 219 बीघा जमीन विवाद को लेकर बुधवार को किसान महापंचायत हुई। महापंचायत में किसानों को भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों का समर्थन मिला।
कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री नारायण सिंह पंवार ने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि कितना भी बड़ा उद्योगपति आ जाए, मुख्यमंत्री भी आ जाएं, पहले मैं इस्तीफा दूंगा, फिर आगे बात होगी। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह किसानों से यह बात कह रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया ने कहा कि दिलीप बिल्डकॉन या किसी भी निजी कंपनी को एक इंच जमीन नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह जमीन हमारे किसानों की अस्मिता, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों का अधिकार है।
इस दौरान एसडीएम गोविंद कुमार दुबे, तहसीलदार आनंद जायसवाल और अन्य प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। महापंचायत में लगभग 50 गांवों के किसानों के शामिल होने का दावा किया गया। महापंचायत में किसानों ने विरोध में प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि यह जमीन किसी को भी नहीं दी जाएगी।
गांव की जमीन कंपनी को देने पर है विवाद
बांकपुरा और आसपास के किसानों का कहना है कि संबंधित जमीन पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं और इसका उपयोग उनके परिवारों की आजीविका के लिए होता रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा जमीन का सीमांकन कर निजी कंपनी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे किसानों में आक्रोश है। किसानों का कहना है कि गांव की जमीन किसी भी निजी कंपनी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वैधानिक प्रक्रिया से खरीदी गई है जमीन
बांकपुरा में 219 बीघा जमीन पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत खरीदी गई है। जिन जमीन मालिकों के पास पट्टे थे, उन्होंने शासन से विक्रय अनुमति लेने के बाद जमीन बेची थी। 2-3 पार्ट में जमीन खरीदी है। पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है।
जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण व सीमांकन भी वैधानिक तरीके से कराया गया है। कंपनी द्वारा बांकपुरा में सीएनजी पंप स्थापित किया गया है । जमीन पर नेपियर ग्रास की खेती की जा रही है। कुछ किसानों का जमीन पर कब्जा है और वे कब्जा छोड़ना नहीं चाहते। इसी कारण जमीन को लेकर विरोध की स्थिति बनी हुई है। -अशोक तोमर, मैनेजर, दिलीप बिल्डकॉन कंपनी





