MP : मोहन मंत्रिमंडल में फेरबदल की एक बार फिर चर्चा तेज, मानसून सत्र के पहले हो सकता है विस्तार..

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के संकेत तेज हो गए हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। फिलहाल मंत्रिमंडल में चार पद खाली हैं और इन्हीं सीटों पर नए चेहरों की एंट्री की चर्चा जोरों पर है। आज मुख्यमंत्री दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाक़ात भी कर रहे हैँ।

क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर रहेगा फोकस

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस बार विस्तार में विंध्य महाकोशल और ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सकती है। पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश करेगी। कई वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की दौड़ में बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार केवल नए चेहरों को मौका देने की तैयारी नहीं है बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। ऐसे मंत्रियों पर नजर रखी जा रही है जिनका प्रदर्शन कमजोर माना जा रहा है या जो विवादों के कारण सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर चुके हैं। पार्टी नेतृत्व इस बार प्रदर्शन और राजनीतिक प्रभाव दोनों आधारों पर फैसला ले सकता है।

4 खाली पद: वर्तमान में कैबिनेट में 31 मंत्री हैं, जबकि 35 की क्षमता है, इसलिए 4 पद खाली हैं।

नए चेहरों को. मिलेगा मौका

मंत्रिमंडल में 4 से 6 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जिसमें पुराने चेहरे बृजेंद्र प्रताप सिंह, और महिला चेहरों में मालिनी गौड़ या रीति पाठक के नाम की चर्चा है।कांग्रेस से आए नेताओं को मौका: अमरवाड़ा से कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए कमलेश शाह को भी मंत्री पद मिल सकता है।

गुजरात फार्मूला: चर्चा यह भी है कि यदि ‘गुजरात फार्मूला’ (बड़ा फेरबदल) लागू हुआ तो कई वरिष्ठ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और नए चेहरों को जगह मिलेगी।समयसीमा: विस्तार मानसून सत्र से पहले यानी जून अंत या जुलाई 2026 के पहले पखवाड़े तक संभावित है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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