राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : चोर को बचाने के लिए लाये महाचोर– अतुल पाटिल
भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लौंडे पाटिल ने आरोप लगाया है कि अयोध्या जे राम मंदिर में चढ़ावा चोरी ने भाजपा और आरएसएस की असलियत उजागर कर दी है। ये लोग चोरों को बचाने के. लिए महाचोर लेकर आये हैँ।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में ही विशेष चार्टर्ड अकाउंटेंट कंपनी तथा स्टेट बैंक ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आगाह किया था कि ट्रस्ट का वित्तीय प्रबंधन ठीक नहीं है तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके बावजूद किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिंधी समाज द्वारा दान में दी गई 200 चांदी की ईंटें तथा लाखों रुपये का चंदा गायब है, लेकिन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि चोरी किए गए धन को सफेद करने के लिए उसे शेयर मार्केट में लगाया जा रहा है तथा उस पर ब्याज अर्जित किया जा रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से भी अधर्म और गंभीर अपराध है।
श्री पाटिल ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में ‘मिश्रा’ का नाम शामिल था, लेकिन अंतिम रिपोर्ट से उनका नाम हटा दिया गया और चंपत राय का नाम तो रिपोर्ट में शामिल ही नहीं किया गया। इससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन के लिए बजरंग लाल बागरा को नियुक्त किया गया, जो नालको (NALCO) के सीएमडी रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे रहे हैं और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने उन्हें अब तक क्लीन चिट नहीं दी है।
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) के प्रमुख विजय विश्वास पंत स्वयं वर्ष 2020 के बिजली विभाग घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोपी हैं। उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 465 के तहत प्रकरण दर्ज हैं तथा वे 15 आरोपियों की सूची में 14वें क्रम पर हैं। न्यायालय के आदेश पर उनके विरुद्ध डीएसपी (सर्कल ऑफिसर) स्तर का अधिकारी जांच कर रहा है। ऐसे व्यक्ति से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यह स्थिति पूरी तरह “सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का” वाली है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन, नियुक्तियां और अधिकार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए थे तथा 15 में से 12 सदस्यों का चयन स्वयं प्रधानमंत्री ने किया था। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे मामले में दोषियों को संरक्षण दे रहे हैं।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि “अगर चोर चोरी करने आए और कुत्ता न भौंके, तो कुत्ता चोरों को जानता है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की चुप्पी इस बात का संकेत है कि वे इस पूरे मामले में कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
श्री पाटिल ने कहा कि राम मंदिर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा की बपौती बना दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला पहलवानों के शोषण के आरोपी एक बदनाम सांसद द्वारा स्वयं यह कहा गया कि वह चार वर्षों से मंदिर इसलिए नहीं गया क्योंकि वहां चोरी होती है। साथ ही उन्होंने आरएसएस के उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्ण मोहन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठाए और कहा कि आरएसएस इस विषय पर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि संविधान में भी प्रभु श्रीराम को एक प्रजापालक राजा के रूप में स्थान दिया गया है, जिनके रामराज्य में केवट, शबरी, आदिवासी और समाज का अंतिम व्यक्ति भी समान रूप से सम्मानित है। लेकिन भाजपा आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर उनके अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे प्रकरण में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
– राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।
– इसकी जगह नया ट्रस्ट गठित किया जाए, जिसमें शंकराचार्य, धर्माचार्य, संत समाज तथा विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
– उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर कोई विश्वास नहीं है, इसलिए पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश (सिटिंग जज) की निगरानी में कराई जाए।
– चंपत राय, मिश्रा तथा अन्य सभी आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया जाए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने अपनी चुप्पी तोड़ें और इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दें।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रकरण में सच्चाई सामने आना देशहित और धर्महित दोनों के लिए आवश्यक है तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई ही न्याय का एकमात्र मार्ग है।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा, कुंदन पंजाबी , अभिनव बरोलिया तथा आनंद जाट भी उपस्थित रहे।



