सुन रहे हो न, विनोद’… गुजरात में पीएम नरेंद्र मोदी ने बोला डायलॉग, गूंज उठे ठहाके
अहमदाबाद। गुजरात के साणंद में शनिवार को आयोजित सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग अंदाज देखने को मिला। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन पर बात करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लोकप्रिय डायलॉग “सुन रहे हो न, विनोद” का इस्तेमाल किया, जिसके बाद पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा।
प्रधानमंत्री मोदी साणंद में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर पहुंचे थे। कार्यक्रम में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के चेयरमैन सुबैया ने अपने संबोधन में गुजराती की दो प्रसिद्ध कहावतों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, “निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान”, यानी ऊंचे लक्ष्य तक न पहुंच पाना स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन छोटा लक्ष्य तय करना नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी भी बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। सुबैया ने बताया कि कंपनी की पहली सेमीकंडक्टर चिप्स की खेप जापान स्थित साझेदारों को भेजी जा रही है, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
उन्होंने दूसरी गुजराती कहावत “काम बोले छे” का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी की पहली खेप ही उसकी उपलब्धि की कहानी बयां कर रही है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों कहावतों का जिक्र करते हुए कहा कि वह कभी छोटे लक्ष्य नहीं रखते। उन्होंने कहा, “अगर मुझे कोई प्रतिमा बनानी हो तो मैं दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाऊंगा।” इसे कई लोगों ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ओर इशारा माना।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “सुबैया जी ने ‘काम बोले छे’ भी कहा… सुन रहे हो न, विनोद… काम बोले छे।” उनके इतना कहते ही सभागार में मौजूद लोग और मंच पर बैठे अतिथि हंस पड़े।
सोशल मीडिया पर पहले से लोकप्रिय है यह डायलॉग
“सुन रहे हो न, विनोद” और “देख रहे हो न, विनोद” जैसे डायलॉग एक वेब शो के बाद सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। कंटेंट क्रिएटर्स और मीम पेजों ने इनका व्यापक इस्तेमाल किया, जिसके चलते यह इंटरनेट का चर्चित मीम बन गया। अब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से इस डायलॉग का इस्तेमाल किए जाने के बाद यह एक बार फिर चर्चा में आ गया।