नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से लाए गए महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधनों समेत तीन अहम बिलों पर वोटिंग से पहले राहुल गांधी ने अपनी बात रखी। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने महिला रिजर्वेशन और डिलिमिटेशन पर कहा कि पहला सच तो यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है। इसका महिलाओं के एम्पावरमेंट से इसका कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है। सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है।
इस दौरान कांग्रेस नेता ने दो टूक कहा कि पुराना बिल लाइए तो तुरंत समर्थन देंगे। सरकार को सच्चाई अच्छी नहीं लगती। देश की आत्मा पर हमला नहीं होने देंगे। हर क्षेत्र से एससी-एसटी-ओबीसी की भागीदारी खत्म की जा रही है। हम ये सरकार को नहीं करने देंगे। दक्षिण भारत के साथ भेदभाव हो रहा। इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की एक कोशिश है। असल में, यह एक शर्मनाक हरकत है। 2023 में जो विधेयक इस सदन में पारित हुआ था वह महिला आरक्षण का विधेयक था। इसी दौरान कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को जादूगर बता दिया। राहुल गांधी ने कहा कि हर कोई जानता है कि जादूगर और कारोबारी के बीच एक साझेदारी है। जैसे ही नेता प्रतिपक्ष ने ये कहा सदन में हंगामा हो गया।
दलित-ओबीसी भागीदारी खत्म की जा रही
संसद में बोलते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि भारतीय समाज ने दलितों, OBCs और उनकी महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव किया। यहां जो करने की कोशिश की जा रही है, वह है जाति जनगणना को दरकिनार करना। यहां वे मेरे OBC भाई-बहनों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, और उनसे सत्ता छीन रहे हैं। बीजेपी भारत की बदलती राजनीति से डरी हुई है और उसे अपनी सत्ता कमजोर होती नजर आ रही है।
जो सरकार कर रही वो पूरी तरह असंवैधानिक
राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कुछ सरकार करने की कोशिश कर रही है, उसके लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत होगी और विपक्ष इसे किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगा। यह पूरी तरह असंवैधानिक प्रयास है और पूरा विपक्ष इसे होने नहीं देगा। भाजपा देश की सत्ता संरचना में ओबीसी और दलितों को पर्याप्त जगह नहीं दे रही है। दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों को परिसीमन से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि विपक्ष उनके अधिकारों की रक्षा करेगा।
मेरी दादी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया
राहुल गांधी ने कहा कि जरूरी मुद्दे पर चर्चा चल रही है। हम सबने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। प्रियंका गांधी का भाषण अच्छा लगा। कल प्रियंका गांधी ने अच्छी स्पीच दी। मेरी दादी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। इसी कहा कि बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा चल रही। मेरी दादी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उन्होंने मुझे डर से लड़ना सिखाया। मेरी दादी ने मेरे दिल से डर निकाला।
ये जातीय जनगणना से बचने की कोशिश है
महिला आरक्षण बिल को लेकर चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि ये जातीय जनगणना से बचने की कोशिश है। सरकार जो बिल लेकर आई है, वो महिला बिल नहीं है। परिसीमन बिल से महिला को फायदा नहीं है। महिलाएं हमारे देश की सोच में एक ड्राइविंग फोर्स हैं। हम सभी ने अपनी जिंदगी में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है, उनसे बहुत कुछ सीखा है। सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है।
ये बोले राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है जो एक शर्मनाक कृत्य है।
राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार की ओर से जाति जनगणना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है। उनका कहना था कि कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कुछ लेनादेना नहीं है। 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था।
