परीक्षाओं के संचालन को लेकर संसदीय समिति ने शिक्षा मंत्रालय, एनटीए और सीबीआई के अफसरों को तलब किया

नई दिल्ली।राज्यसभा की सरकारी आश्वासनों पर गठित समिति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, National Testing Agency (NTA) और Central Bureau of Investigation (CBI) के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है, ताकि यह जांचा जा सके कि संसद में दिए गए आश्वासनों पर क्या कार्रवाई हुई।
मुख्य बिंदु:
समिति ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह और CBI निदेशक Praveen Sood को 29 मई 2026 को पेश होने के लिए बुलाया है।
यह सुनवाई नवंबर 2024 में राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न से जुड़ी है, जिसमें NTA द्वारा परीक्षा संचालन और ठेके देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।
मंत्रालय ने तब दावा किया था कि परीक्षा संबंधी ठेके केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार दिए जाते हैं और गड़बड़ी मिलने पर एजेंसियों पर कार्रवाई की जाती है।
मंत्रालय ने यह भी बताया था कि NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में CBI व्यापक जांच कर रही है और नवंबर 2024 तक 45 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थीं।
इस साल की NEET-UG परीक्षा:
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का आयोजन 3 मई को हुआ था।
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी।
पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को प्रस्तावित है।
पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।
समिति मेडिकल कॉलेज घोटाले पर भी जवाब मांगेगी:
स्वास्थ्य मंत्रालय, National Medical Commission (NMC) और CBI अधिकारियों को भी बुलाया गया है।
यह मामला फर्जी फैकल्टी, फर्जी निरीक्षण और नकली मरीज रिकॉर्ड के जरिए मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने के आरोपों से जुड़ा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जुलाई 2025 में बताया था कि CBI ने भ्रष्टाचार निवारण कानून और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत FIR दर्ज की है।
इस कार्रवाई का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि संसदीय समितियां आमतौर पर तब हस्तक्षेप करती हैं जब सरकार द्वारा संसद में दिए गए आश्वासनों के पालन पर सवाल उठते हैं। अब समिति यह देखेगी कि:
NTA ने परीक्षा सुरक्षा में क्या सुधार किए,
पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए,
और CBI जांच किस चरण में पहुंची है।





