आनंद महिंद्रा ने निभाया वादा: कोलकाता के 80 वर्षीय वायलिन वादक भगवान मलिक तक पहुंची मदद, स्वाभिमान ने जीता दिल
नई दिल्ली। मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर की गई उनकी अपील केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहती। कोलकाता के 80 वर्षीय वायलिन वादक भगवान मलिक का वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने उनकी मदद का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।
आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उनकी कोलकाता कार्यालय की टीम ने काफी प्रयासों के बाद भगवान मलिक और उनकी पत्नी का पता लगाया और उनकी ओर से आर्थिक सहायता सौंपी।
सबसे भावुक पल तब आया, जब भगवान मलिक ने मदद के बदले धन्यवाद शब्दों से नहीं, बल्कि अपने पुराने वायलिन पर “सारे जहां से अच्छा” की धुन बजाकर आभार व्यक्त किया।
महिंद्रा ने लिखा, “आपको पता है उन्होंने शुक्रिया कैसे कहा? उन्होंने अपने वायलिन पर ‘सारे जहां से अच्छा’ बजाया। वह सम्मान और शालीनता की जीती-जागती मिसाल हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान उसके दर्शक होते हैं। महिंद्रा ने कोलकाता के लोगों से अपील की कि वे भगवान मलिक के पास जाएं, उनका संगीत सुनें और उनकी कला का सम्मान करें।
कौन हैं भगवान मलिक?

भगवान मलिक कोलकाता के न्यूटाउन क्षेत्र में बस स्टैंड, DLF सबवे और न्यूटाउन आर्ट स्ट्रीट के आसपास रोजाना शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक करीब 40 साल पुराने टूटे हुए वायलिन पर धुनें बजाते हैं।
कमजोर नजर और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी भीख नहीं मांगी। वे अपनी कला के दम पर प्रतिदिन लगभग 100 रुपये कमाकर अपना और अपनी पत्नी का गुजारा करते हैं।
उनकी कहानी तब सामने आई जब कंटेंट क्रिएटर अराधना चटर्जी ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होने के बाद आनंद महिंद्रा ने उनकी मदद करने की इच्छा जताई थी। कई लोगों ने यह भी कहा था कि भगवान मलिक स्वाभिमानी व्यक्ति हैं और सीधे तौर पर दान स्वीकार करना शायद पसंद न करें।
अब महिंद्रा की मदद और भगवान मलिक की गरिमापूर्ण प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की नहीं, बल्कि कला, स्वाभिमान और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई है।






