MP : गेहूँ खरीदी में देरी और बारदान की कमी से किसानों को भारी नुकसान : उमंग सिंघार… मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश में गेहूँ खरीदी में हो रही लगातार देरी, बारदान की कमी तथा ऋण अदायगी की अंतिम तिथि बढ़ाने की पुनः मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश में गेहूँ खरीदी की प्रक्रिया बार-बार प्रभावित हो रही है और अब तक खरीदी की तिथि तीन बार परिवर्तित की जा चुकी है। इसके साथ ही बारदान की कमी के कारण खरीदी कार्य बाधित हो रहा है, जिससे किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। इससे किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस स्थिति का सीधा असर किसानों की ऋण चुकाने की क्षमता पर पड़ रहा है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत जानकारी (अतारांकित प्रश्न क्रमांक 2537, दिनांक 09 मार्च 2026) के अनुसार प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लगभग 64,17,424 खाते संचालित हैं, जिन पर कुल बकाया ऋण लगभग 86,995 करोड़ रुपये है।

उमंग सिंघार ने यह भी उल्लेख किया कि इस विषय में पूर्व में पत्र क्रमांक 5424, दिनांक 24.03.2026 के माध्यम से भी सरकार से ऋण अदायगी की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानो की ऋण अदायगी की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई जाये।

प्रभावित किसानों को डिफॉल्टर घोषित न किया जाये।

गेहूं खरीदी की प्रक्रिया को शीघ्र एवं सुचारू रूप से पूर्ण किया जाय तथा बारदान की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों के हित में इस विषय पर सरकार को शीघ्र और संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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