सहारा की 110 एकड़ जमीन सौदे में ईडी की जांच रहेगी…. जारीहमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी की यचिका को प्रयागराज हाईकोर्ट ने किया खारिज

भोपाल।  सहारा समूह के मध्यप्रदेश सहित देशभर में हुए अरबों के जमीन लेनदेन के सौदे में हुए बड़े गड़बड़झाले की जांच जारी रहेगी। कलकत्ता ईडी द्वारा हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है। जिसको लेकर हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सहित चार सहकारी समितियों द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। जिसमें ईडी की एनफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट और जुलाई 2024 में हुई सर्चिग और जब्ती कार्रवाई को

गई चुनौती दी थी। जिसको यो की याचिका को खारिज कर ईडी की जांच को वैध ठहराया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पीएमएलए के तहत जांच कानूनी रूप से सही है और कानूना आगे भी जारी रहेगी।

बता दें हमारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसायटी वही है, जिसके खाते में भोपाल स्थित सहारा की 110 एकड़ जमीन सौदे के 47.73 करोड़ भेजे गए हैं। मामले में ईओडब्ल्यू भी जुलाई, 2025 में शिकायत दर्ज कर जांच कर रही है। और उसके बाद 12 अगस्त, 2025 को कलकत्ता ईडी ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।

कदम-कदम पर रची फर्जीवाड़े की साजिश, सिनाप का निदेशक जांच के दायरे में

सुप्रीम कोर्ट में सहारा प्रबंधन द्वारा अपनी संपत्तियों की एक मूल्यांकन रिपोर्ट सौंपी गई थी। जिसमें यह बताया था कि भोपाल के मक्सी गांव स्थित उसकी 110 एकड़ जमीन की अनुमानित कीमत 125 करोड़ है। लेकिन बाद में सहारा प्रबंधन ने उसी जमीन का सौदा मात्र 47.73 करोड़ में कर दिया। और यह राशि सेबी के सहारा रिफंड खाते

में जमा करने के बजाय हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के खाते में डाली गई। ऐसे में एजेंसियों को शक है जमीन सौदे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर कैश लेनदेन किया गया है। बता दें भोपाल की 110 एकड़ जमीन का सौदा सिनाप रियल एस्टेट प्रालि द्वारा किया गया था, जिसका निदेशक अब जांच के द्वारा किया गया था, जिसका निदेशक अब जांच के दायरे में है।

ईओडब्ल्यू ने इन अधिकारियों को बनाया आरोपी

ईओडब्ल्यू ने सहारा प्रमुख के बेटे सीमांतो रॉय को जबलपुर और कटनी के जमीन सौदे के निर्णय में सीधे पर शामिल होने पर आरोपी बनाया। इसके अलावा डिप्टीमैनेजिंग वर्कर जेबी रॉय और डिप्टी मैनेजिंग वर्कर ओपी श्रीवास्तव को आरोपी बनाया। जिन्हें कई मर्तबा नोटिस भी भेजा लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। इसी बीच ईडी ने ओपी श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। जो अभी भी कलकत्ता जेल में है। मामले में सहारा के निवेशकों की लड़ाई लड़ रहे शिवपुरी जिले के अधिवक्ता रमेश मिश्रा ने गृहमंत्री को पत्र लिखकर ट्रांजिट रिमांड पर ओपी श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश लाने की मांग की है। ताकि ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रकरण पर पूछताछ की जा सके।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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