Bhopal : अब बरकतउल्लाह विवि का नाम होगा, वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय, कार्य परिषद से प्रस्ताव पास,शासन की मुहर बाकी

भोपाल। भोपाल के बरकतउल्लाह विवि का नाम अब वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय होगा। विवि की कार्य परिषद से प्रस्ताव पास हो गया है। इसे राज्यपाल के पास भेजा है। अब इस पर राज्यपाल अंतिम मोहर लगाएंगे।
सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखकर रखा गया प्रस्ताव
बुधवार को हुई बैठक के दौरान यह तर्क दिया गया कि राजा भोज का नाम प्रदेश की ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत का प्रतीक है। इसी आधार पर विश्वविद्यालय को उनके नाम से जोड़ने की बात रखी गई, ताकि संस्थान की पहचान को एक नई दिशा मिल सके।
सिर्फ नाम ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के अकादमिक ढांचे में भी बदलाव तय किए गए हैं। अरबी और पर्शियन जैसे पारंपरिक विषयों को एक साथ लाकर ‘तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति विभाग’ के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा। इसे आधुनिक अकादमिक जरूरतों के अनुरूप कदम माना जा रहा है।
नाम बदलने का विरोध भी शुरू
ईसी की सदस्य डॉ. ताहिरा अब्बासी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का मौजूदा नाम स्वतंत्रता सेनानी बरकतउल्लाह भोपाली की स्मृति से जुड़ा है, जिसे बदला जाना उचित नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नया नाम देना ही है तो किसी नए विश्वविद्यालय को दिया जाए।
अब विभाग फिर सरकार लेगी फैसला
किसी सरकारी विश्वविद्यालय का नाम बदलना सिर्फ घोषणा भर नहीं होता, बल्कि इसके लिए पूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद या एग्जीक्यूटिव काउंसिल में नाम परिवर्तन का प्रस्ताव रखा जाता है। परिषद से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव राज्य के उच्च शिक्षा विभाग और फिर सरकार के पास भेजा जाता है।
विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा
चूंकि अधिकांश सरकारी विश्वविद्यालय राज्य सरकार द्वारा बनाए गए अधिनियमों के तहत संचालित होते हैं, इसलिए नाम बदलने के लिए संबंधित कानून में संशोधन जरूरी होता है। इसके लिए राज्य विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश किया जाता है। विधानसभा से विधेयक पारित होने और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद सरकार राजपत्र में अधिसूचना जारी करती है।
अधिसूचना प्रकाशित होते ही विश्वविद्यालय का नया नाम आधिकारिक रूप से लागू हो जाता है। इसके बाद विश्वविद्यालय की वेबसाइट, डिग्री, प्रमाणपत्र, रिकॉर्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में नया नाम अपडेट किया जाता है।





