MP : राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता खुलेगा

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) और राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों के लिए इस वर्ष आईएएस और आईपीएस कैडर में पदोन्नति का रास्ता खुलने जा रहा है। वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त हुए प्रमोटी अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य के मुख्य सचिव (CS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) की समिति द्वारा चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

आईएएस के लिए 13 पद, 39 नामों पर विचार
राज्य प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नत किया जाएगा।
इसके लिए 39 अधिकारियों के नाम डीपीसी (Departmental Promotion Committee) में रखे जाएंगे।
चयन का आधार अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली (CR), सेवा रिकॉर्ड और प्रदर्शन रहेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने संभावित नामों का पैनल तैयार कर लिया है।
2007 और 2008 बैच के अधिकारियों के नामों पर मुख्य रूप से विचार होगा।

प्रमुख नाम
मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल और संदीप सोनी सहित कुल 39 अधिकारियों के नाम सूची में शामिल हैं।
कुछ मामलों पर संशय
जयेंद्र विजयवत और मनोज मालवीय आयु सीमा के कारण फिटनेस मानदंड से बाहर बताए जा रहे हैं।
कमल नागर का मामला न्यायालय में लंबित होने से उनका प्रमोशन फिर टल सकता है।
सपना एम. लोवंशी के खिलाफ चल रही जांच के कारण उनका नाम डीपीसी से बाहर हो सकता है।

आईपीएस के लिए 9 पद, 27 अधिकारियों की दौड़
राज्य पुलिस service के 9 अधिकारियों को आईपीएस अवार्ड दिया जाएगा।
इसके लिए 27 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।
गृह विभाग ने डीपीसी की तारीख तय करने का प्रस्ताव पहले ही भेज दिया है।
इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नाम प्रमुखता से शामिल हैं।
प्रमुख दावेदार
सीताराम, अमृत मीणा, निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा और सत्येंद्र सिंह तोमर सहित कुल 27 अधिकारियों के नामों पर विचार होगा।

अटक सकते हैं कुछ मामले
अमृत मीणा के जाति प्रमाण-पत्र से जुड़ा मामला लंबित बताया जा रहा है।
राजेश मिश्रा के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।
ऐसे मामलों में डीपीसी उनके नामों को “सीलबंद लिफाफा” (Sealed Cover Procedure) में रख सकती है और अंतिम निर्णय बाद में लिया जा सकता है।
आगे क्या होगा?
अब यूपीएससी को डीपीसी की तिथि का प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में अधिकारियों की सीआर, वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और पात्रता की समीक्षा के बाद अंतिम सूची तय होगी। चयनित अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर में पदोन्नति मिलेगी, जिससे राज्य प्रशासन और पुलिस व्यवस्था में वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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