MP : मोहन सरकार आज फिर लेगी ₹1800 करोड़ का कर्ज, कुल कर्ज 4.99 लाख करोड़ हुआ

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने 10 जून को बाजार से 1,800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का निर्णय लिया है। यह ऋण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण (State Development Loans – SDLs) के पुनः निर्गम (Re-issue) के जरिए जुटाया जाएगा। दोनों ऋणों पर ब्याज का भुगतान हर छह माह में किया जाएगा।

कुल कर्ज 5 लाख करोड़ के करीब
इस नए ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज लगभग 11,000 करोड़ रुपये पहुंच जाएगा। वहीं प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर 4 लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपये हो जाएगी, जो 5 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के बेहद करीब है।
10 जून को मिलेगी राशि
ऋण की नीलामी RBI के ई-कुबेर (E-Kuber) प्लेटफॉर्म पर होगी और सफल बोली के बाद राज्य सरकार को 10 जून को राशि प्राप्त होगी।
अप्रैल से ही शुरू हुई उधारी
दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार ने इस वित्त वर्ष में अप्रैल से ही बाजार से कर्ज उठाना शुरू कर दिया था, जबकि पिछले वर्षों में सामान्यतः यह प्रक्रिया मई से शुरू होती रही है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार को शुरुआती महीनों में ही वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता महसूस हुई।
सरकार का पक्ष
राज्य सरकार का कहना है कि इस ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग प्रदेश में उत्पादक विकास कार्यक्रमों, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत इस ऋण के लिए अपनी मंजूरी भी दे दी है।
प्रमुख सवाल
लगातार बढ़ते कर्ज के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विकास परियोजनाओं से होने वाली आय और आर्थिक गतिविधियां भविष्य में इस ऋण बोझ को किस हद तक संतुलित कर पाती हैं, क्योंकि राज्य का कुल कर्ज अब 5 लाख करोड़ रुपये के स्तर को छूने जा रहा है।





