MP : रायसेन किले पर 15 दिनों से पहाड़ी पर डेरा जमाए बैठा है टाइगर, आवाजाही बंद

रायसेन। ऐतिहासिक रायसेन किले की पहाड़ी पर इन दिनों एक बाघ का कब्जा है। यह बाघ पिछले करीब 15 दिनों से किले के आसपास ही घूम रहा है। वन्यजीव की इस मौजूदगी के बाद वन विभाग ने ऐहतियात के तौर पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए किले के कुछ हिस्सों में आवाजाही को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब सुबह की सैर पर निकले कुछ स्थानीय लोगों को पहाड़ी पर बाघ के ताजा फुटमार्क दिखाई दिए। इसके बाद वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए इलाके में निगरानी बढ़ा दी। किले के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए कैमरा ट्रैप में इस बड़े कैट की तस्वीरें और मूवमेंट लगातार रिकॉर्ड हो रही हैं।

मंदिर के पास बनाया ठिकाना
वन अधिकारियों के मुताबिक, बाघ ने किले के भीतर स्थित ऐतिहासिक सोमेश्वर धाम मंदिर के पास एक पानी के कुंड के आसपास अपना ठिकाना बना लिया है। उसे कई बार वहां पानी पीते और छांव में आराम करते हुए कैमरे में देखा गया है।

रायसेन की जिला वन अधिकारी प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘इलाके में कैमरा ट्रैप बढ़ा दिए गए हैं और पर्यटकों की एंट्री को सीमित किया गया है। हमने मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेड्स लगा दिए हैं और चेतावनी के बैनर भी पोस्ट किए हैं।’ संवेदनशील रास्तों पर फॉरेस्ट गार्ड्स को तैनात किया गया है ताकि कोई भी पर्यटक खतरे वाले क्षेत्र में न जा सके।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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