MP : 148 ब्लैक स्पॉट में सुधार नहीं हो पा रहा सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के सदस्य संजय बंदोपाध्याय का सुझाव, सुधार के लिए IIT मद्रास से तकनीकी मदद ले सकते हैं…

भोपाल। काफी पैसा खर्च करने के बाद भी मप्र के 148 ब्लैक स्पॉट में सुधार नहीं हो पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के सदस्य संजय बंदोपाध्याय ने अफसरों को सुझाव दिया कि सुधार के लिए आईआईटी मद्रास से तकनीकी मदद ली जा सकती है। उनकी टीम वैसा ही ऑडिट कर सकती है जैसा दिल्ली में आईआईटी दिल्ली ने किया था।
मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे सडक़ हादसों और मौतों को रोकने के लिए उन्होंने वल्लभ भवन में बैठक ली। बंदोपाध्याय ने कहा कि ऑडिट केवल कागजों में सुधार दर्ज करने के लिए नहीं, बल्कि यह समझने के लिए होना चाहिए कि कई प्रयासों के बावजूद इन ब्लैक स्पॉट्स पर हादसे क्यों नहीं घटे। बैठक में दिल्ली आईआईटी की प्रोफेसर का स्कूल सेफ्टी मॉडल पर प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया।
इसमें बताया गया कि स्कूलों के आसपास सुरक्षा कैसे बेहतर की जाए—बस स्टॉप का स्थान, पिक-अप और ड्रॉप जोन का डिजाइन, और स्कूल गेट पर ट्रैफिक फ्लो का प्रबंधन। यह मॉडल बच्चों से जुड़े हादसे रोकने में मददगार हो सकता है।
सडक़ हादसे के बाद राहत-रिस्पॉन्स समय तय करता है कि कितनी जिंदगी बचाई जा सकीं। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में सुझाव सामने आया कि 108 एंबुलेंस की तरह निजी एंबुलेंस को भी जीपीएस नेटवर्क में जोड़ा जाए।
ई-एन्फोर्समेंट पूरे प्रदेश में लाएं
बैठक में तय हुआ कि यातायात नियंत्रण और चालान प्रणाली में ई-एन्फोर्समेंट को हर जिले में पूरी तरह से लागू किया जाए। इससे चालान केवल मौके के आधार पर नहीं, बल्कि कैमरा, सेंसर और डिजिटल रिकॉर्डिंग के आधार पर होगा। इससे सडक़ नियमों के पालन की निगरानी और सख्त होगी।
रोड सेफ्टी एक्शन प्लान हर जिले में बनाने के निर्देश
बंदोपाध्याय ने निर्देश दिए कि हर जिले में रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार हो। इसमें यह स्पष्ट रूप से दर्ज हो कि किस इलाके में हादसे क्यों होते हैं। ओवरस्पीडिंग, सडक़ डिजाइन की कमी, सिग्नल व्यवस्था में परेशानी या ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी। यानी अब जिला प्रशासन को कारण के हिसाब से समाधान तय करना ही नहीं, उसे लागू भी करना होगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि जिला सडक़ सुरक्षा समितियों की बैठक नियमित रूप से हो।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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