MP : नर्सिंग घोटाले में नया मोड़, कार्रवाई करना भूली सरकार….!

भोपाल। नर्सिंग घोटाले में नया मोड सामने आया है। झाबुआ के मां पदमावती इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज को अनसूटेबल की श्रेणी में रखा गया था। इसके निरीक्षण में खामी पाए जाने पर नर्सिंग ऑफिसर कीर्ति श्रीवास्तव और सुषमा मेरी के खिलाफ आरोप पत्र भी जारी हुआ, लेकिन सत्र 2025-26 में इस कॉलेज को दोबारा 30 सीटों पर नर्सिंग में एडमिशन दिए जाने की अनुमति दे दी गई।
मप्र में बहुचर्चित नर्सिंग घोटाले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग कार्रवाई करना पिछले एक साल से भूल गया है। इस मामले में घोटाले में दोषी 70 से ज्यादा नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के बीच नोटिस जारी किए गए थे। अब मार्च 2026 आ गया है पूरे एक साल बाद भी किसी भी आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच चालू नहीं की गई है। हैरत की बात तो यह है कि करीब 22 राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रथम श्रेणी अधिकारयों को भी नोटिस जारी हुए, लेकिन जब बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की बात आई पूरी कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बीते एक साल में न तो कोई सस्पेंड हुआ ना ही कोई अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
नर्सिंग कॉलेजों को मनमाने तरीके से मान्यता देने का मामला गर्माने के बाद इसकी जांच सीबीआई ने की। इसके बाद कई कॉलेज अपात्र पाए गए। इस दौरान नर्सिंग के हजारों स्टूडेंट्स का भविष्य चौपट हो गया। सीबीआई ने जांच करके इसकी रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की थी। इसके बाद तय हुआ कि दोषियों को आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच की जाए लेकिन हालात जस की तस बने हुए हैं। 2024 में ही तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने लगभग 110 नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, बाद में यह संख्या घट गई थी।
हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद नर्सिंग काउंसिल की तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चांद और चेयरमैन डॉ. जितेन शुक्ला को पद से हटा दिया गया था, लेकिन इनके खिलाफ आज तक कोई विभागीय जांच नहीं की गई। मई 2024 में सरकार ने 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द कर उन्हें सील करने के आदेश दिए। इसके अलावा अब 15 नर्सिंग ऑफिसर को आरोप पत्र थमाया गया है। इनमें जबलपुर: सुमाषिनी दास, सुषमा विल्सन, आभा ओहियत, अर्चना गायकवाड़, कुसुम विश्वकर्मा। उज्जैन: सुषमा मेरी, सुषमा शुक्ला, सुमन साल्वी पाटीदार। देवास: टीना वर्मा, निशा डाल्के। रतलाम: कीर्ति श्रीवास्तव। सिवनी: मालती ध्यानी। अशोक नगर: सरोज सक्सेना। सीधी: रजनीश पटेल। शहडोल: प्रमिला सोनी शामिल है। संबंधित जिलों के जिला स्वास्थ्य अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे विभागीय जांच जैसी कार्रवाई करें।
घोटाले के अंदर घोटाला: सीबीआई की गिरफ्तारी
मई 2024 में दिल्ली सीबीआई की विजिलेंस टीम ने भोपाल में अपने ही इंस्पेक्टर राहुल राज को 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। सीबीआई के दो अधिकारी (राहुल राज व सुशील कुमार मजोका), एक डीएसपी आशीष प्रसाद व कई बिचौलिए गिरफ्तार किए गए। कॉलेजों को क्लीन चिट देने के लिए 2 से 10 लाख रुपए तक की वसूली की जा रही थी। अभी 1.5 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर है।



