EU : रूस के तेल पर ट्रंप के ‘खेल’ से भड़का यूरोप, यूरोपीय देशों ने एक सुर में कहा- ‘हम सहमत नहीं’

लंदन। ईरान में चल रही जंग ने दुनिया के सामने कच्चे तेल का संकट खड़ा कर दिया है. जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है. इस बीच अमेरिका ने रूसी तेल पर लगाए गए प्रतिबंध को 30 दिनों के लिए हटा दिया है, ताकि वह अपना तेल बेच सके और कच्चे तेल की कीमत पर लगाम लगाई जा सके. हालांकि, अमेरिका के इस फैसले ने यूरोप को नाराज कर दिया है.
यूरोपीय नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रूसी तेल से प्रतिबंध हटाने के फैसले पर फिर से सोच-विचार करने को कहा है. जर्मनी के चासंलर फ्रेडरिक मर्ज ने शुक्रवार को कहा कि G7 के सात में से छह देश रूस को तेल प्रतिबंधों से राहत देने के अमेरिका के फैसले के खिलाफ हैं.
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन अब जब मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ गए हैं और इसका असर कच्चे तेल पर पड़ रहा है तो अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध को 30 दिन के लिए हटा दिया है, ताकि बढ़ती कीमतों के बीच ग्लोबल सप्लाई को बढ़ाया जा सके.
लेकिन जर्मनी, कनाडा और नॉर्वे के नेताओं ने इस पर नाराजगी जताई है और उनका कहना है कि वे ट्रंप का मन बदलने की कोशिश करेंगे. इनका कहना है कि यूक्रेन में युद्ध और वैश्विक सुरक्षा के लिए पैदा हो रहे खतरे को लेकर रूस पर अभी भी दबाव बनाए रखने की जरूरत है. जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का कहना है कि हम रूस पर लगे प्रतिबंधों को लेकर लिए गए फैसले से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए हमें रूस पर और ज्यादा दबाव डालना चाहिए.
मर्ज का कहना है कि हमारा मकसद एनर्जी सप्लाई के लिए साझा रणनीति तैयार करना है. उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे ठोस प्लान की जरूरत है जिससे यह पता चल सके कि ईरान युद्ध कैसे खत्म हो सकता है.
रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के फैसले पर मर्ज ने कहा कि ‘ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि रूस को इससे फायदा हो रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘हमें इस भयानक युद्ध (रूस-यूक्रेन) को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए रूस पर और ज्यादा दबाव डालना चाहिए और यही वजह है कि कल रात लिए गए इस फैसले पर हमारा नजरिया अलग है.’
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा कि रूस पर और ज्यादा दबाव बनाने की जरूरत है. वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि वह ट्रंप से बात करेंगे और उनका मन बदलने की कोशिश करेंगे.
जर्मन चांसलर मर्ज ने कहा कि इस हफ्ते वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से इस पर बात करेंगे कि ट्रंप के प्लान पर क्या किया जा सकता है.





