MP: भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय पर महिला उत्पीड़न के गंभीर आरोप, राज्यपाल से शिकायत

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय पर महिलाओं के उत्पीडऩ के गंभीर आरोप लगे हैं। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने विधायक के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग रखी।
रीना बोरासी का आरोप है कि विधायक के रसूख के कारण पीडि़त महिलाओं की कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि प्रशासन मौन बना हुआ है और पीडि़त महिलाएं न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।
प्रोफेसर का मामला: 10 साल से इंसाफ का इंतजार
रीना बोरासी ने बताया कि उनके पास कई पीडि़त महिलाएं पहुंची हैं। इनमें विक्रम विश्वविद्यालय की एक पूर्व प्रोफेसर का मामला सबसे गंभीर बताया जा रहा है। प्रोफेसर ने विधायक पर चरित्र हनन और मानसिक प्रताडऩा का आरोप लगाया है।
आरोप है कि विधायक की प्रताडऩा इतनी बढ़ गई कि महिला प्रोफेसर को अपने पद से इस्तीफा तक देना पड़ा। यह पीडि़ता पिछले 10 साल से न्याय मांग रही है। लेकिन सत्ता और रसूख के दबाव में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बुजुर्ग महिला की जमीन पर कब्जे का आरोप
मामला सिर्फ मानसिक प्रताडऩा तक नहीं रुका। रीना बोरासी ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का पक्ष भी राज्यपाल के सामने रखा। आरोप है कि विधायक ने करीब 25 से 30 लोगों के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला की दुकान के शटर तोड़ दिए। उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया।

यह महिला पिछले 5 सालों से थाने और दफ्तरों के चक्कर काट रही है। आरोप है कि विधायक खुद को रसूखदार बताकर प्रशासन पर दबाव बनाते रहे। इसीलिए मामला अब तक ठंडे बस्ते में पड़ा है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आम नागरिक को किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ न्याय मिल सकता है?
भाजपा पर सीधा निशाना
रीना बोरासी ने भाजपा सरकार को सीधे घेरा। उनका कहना है कि जब भी महिलाओं की गरिमा के खिलाफ घटनाएं होती हैं, तो किसी न किसी रूप में भाजपा का नाम सामने आ जाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर पीडि़त महिलाओं के साथ न्याय न करने का भी आरोप लगाया।
विधायक का जवाब: सब राजनीतिक षड्यंत्र
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी (एमपी कांग्रेस) के आरोपों के बाद आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने अपना जवाब दिया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर सभी आरोपों को झूठा बताया और कहा कि वह इस मामले में कोर्ट में आपराधिक और मानहानि का केस करेंगे। विधायक ने यह भी कहा कि मैं उन्हें (रीना बोरासी) पवन खेड़ा बना कर छोड़ूंगा।
चिंतामणि मालवीय ने कहा, रीना बोरासी ने मेरे ऊपर जो आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से गलत, बिना तथ्यों के और बिना किसी सबूत के हैं। मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं है, ना ही कोई जांच या मामला लंबित है। ना ही मैंने किसी की ज़मीन हड़पी है। इस तरह के घटिया और झूठे आरोप लगाना साफ तौर पर अपराध है। मैं उनके खिलाफ एक क्रिमिनल केस और मानहानि का केस करने जा रहा हूं।
उन्होंने यह भी कहा कि रीना बोरासी 68 हजार 800 वोटों से चुनाव हार चुकी हैं। अब अपने गिरते हुए अस्तित्व को बचाने के लिए उन्हें इस तरह के झूठे आरोप नहीं लगाने चाहिए। अगर उनके पास कोई प्रमाण है, तो वो उसे सामने लाएं। मैं उन्हें पवन खेड़ा बना कर छोड़ूंगा।

अपनी सरकार से भी उलझ चुके हैं मालवीय
विधायक चिंतामणि मालवीय पहले भी विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने विधानसभा में सिंहस्थ लैंड पुलिंग योजना को लेकर मुख्यमंत्री पर तीखे सवाल दागे थे। इससे सरकार असहज स्थिति में आ गई थी। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन के खिलाफ तेवर दिखाते हुए रतलाम कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी किया था। यानी मालवीय न सिर्फ विपक्ष से, बल्कि अपनी ही पार्टी और सरकार से भी कई बार टकरा चुके हैं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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