MP: जल संसाधन विभाग: प्रमुख अभियंता की गलत पदस्थापना का मामला राज्यपाल के पास पहुंचा


भोपाल। जल संसाधन विभाग में प्रमुख अभियंता की गलत पदस्थापना का मामला राज्यपाल के पास पहुंच गया है। मध्यप्रदेश शासकीय अधिकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रघुवीर शर्मा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उक्त नियुक्ति को निरस्त करने और उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया है। इस मामले में उच्च न्यायालय ने भी सरकार को नोटिस दिया है और नियुक्ति को अवैध बताया है।
विभाग प्रमुख के पद पर वरिष्ठ स्थायी अधीक्षण इंजीनियरों को कार्यभार नहीं सौंपे जाने की खबर है, जबकि विभाग में इस पद के लिए योग्य लगभग 10 अधीक्षण यंत्री स्थायी रूप से कार्यरत हैं, जिनकी सेवा 12 वर्ष से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा, तकनीकी सचिव एवं प्रमुख अभियंता जल संसाधन के साथ-साथ नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में मेम्बर इंजीनियर के पद भी वरिष्ठ अधिकारियों/इंजीनियरों को नहीं सौंपे गए हैं।
सेवा निवृत्त अधीक्षण यंत्रियों को संविदा पर रखकर प्रमुख अभियंता के पद का प्रभार दिए जाने की नियम विरुद्ध प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। विशेष रूप से, जनजाति वर्ग के अधीक्षण यंत्रियों के साथ कथित रूप से सौतेला व्यवहार किए जाने की चर्चा है। इस विसंगति को दूर करने की मांग की जा रही है, जिससे नियमानुसार जल संसाधन विभाग एवं नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में वरिष्ठ स्थायी अधीक्षण इंजीनियरों को तकनीकी सचिव का प्रभार सौंपा जा सके।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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