MP: जबलपुर जिला सहकारी बैंक में नियम ताक पर रखकर की गईं 27 भर्तियां, कलेक्टर ने भर्ती प्रक्रिया की निरस्त, 5 अधिकारी सस्पेंड

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला सहकारी बैंक में हुई भर्ती प्रक्रिया में  बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना ने कुछ अधिकारियों के निलंबन को लेकर उनके संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। जांच में पता चला है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सहायक समिति प्रबंधक और समिति प्रबंधक के पद पर भर्ती निकाली गई थी। जिसमें नियमों को तक पर रखकर यह भर्ती की गई थी। जांच में यह भी पता चला है की भर्ती के समय गलत तरीके से आरक्षण प्रक्रिया अपनाई गई।

यही नहीं अपने चाहतों को फायदा पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों से अनुमति लिए बिना ही भर्ती का विज्ञापन जारी कर लोगों को सेट कर दिया गया। इस पूरी गड़बड़ी को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया है। वहीं दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए 5 को तत्काल सस्पेंड भी कर दिया है।  बाकी लोगों को शोकाज नोटिस जारी किए गए हैं।

14 मार्च 2024 को निकली थी भर्ती
आपको बता दे की 14 मार्च 2024 को इस भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन निकाला गया था।  जिसके तहत 27 लोगों को समिति प्रबंधक के पद पर नियुक्त किया गया था। इस मामले में कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि यह भर्ती प्रक्रिया अपनाने में नियमों को ताक पर रखा गया है। इसके बाद मामला कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना तक पहुंचा और उन्होंने  एक जांच समिति बनाते हुए पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। रिपोर्ट आते ही सबसे पहले कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया। वहीं उसके बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उनके विभागों को लेटर भेजा है।

तत्कालीन सीईओ समेत कई लोगों पर उठ रही उंगली
इस फर्जी भर्ती मामले में तत्कालीन सीईओ देवेंद्र कुमार राय समेत कई अधिकारियों पर ऊंगली उठ रही है। कहां जा रहा है कि इस मामले में अखिलेश निगम तत्कालीन उपायुक्त सहकारिता जबलपुर, वर्तमान उपायुक्त सहकारिता भोपाल एवं चंद्रशेखर पटले, तत्कालीन सहायक प्रबंधक मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शाखा राइट टाउन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला केंद्रीय सहकारी बैंक जबलपुर द्वारा आवेदकों की पात्रता का जिस हिसाब से परीक्षण किया जाना था वह नहीं किया गया। लिहाजा भर्ती प्रक्रिया में इन लोगों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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