मऊगंज विधायक रीवा में 24 घंटे से नजरबंद, बोले-बाहर आते ही मंदिर की जमीन खाली कराने जाऊंगा; प्रभारी मंत्री ने कहा-ऊपर बात करूंगा

भोपाल। मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल मंगलवार (19 नवंबर) से रीवा पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में नजरबंद हैं। ये हालात मऊगंज में एक मंदिर से लगी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर मचे बवाल के बाद बने हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आज दोपहर तक उन्हें छोड़ा नहीं गया था।

भाजपा कार्यकर्ताओं और दूसरे पक्ष की ओर से जमकर पथराव हुआ। आगजनी के बाद भीड़ को काबू करने पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। पथराव में तीन लोग घायल भी हुए। तनाव को देखते हुए धारा 163 (पहले ये धारा-144 होती थी) लगा दी गई और विधायक को वज्र वाहन में बैठाकर रीवा लाया गया। वहां उन्हें एक स्थान पर रखा गया है।
नजरबंद के सवाल पर विधायक कहते हैं- मुझे क्यों नजरबंद करके रखा गया है, इसका जवाब तो प्रशासन ही दे सकता है। निजी सचिव का कहना है कि विधायक को किसी से मिलने की परमिशन नहीं है। उन्हें यह भी इजाजत नहीं है कि गेट के उस पार जा सकें।
विधायक से मिले प्रभारी मंत्री, नहीं बनी बात
बुधवार रात मऊगंज के प्रभारी मंत्री लखन पटेल भाजपा विधायक प्रदीप पटेल से मिलने पहुंचे। करीब 2 घंटे की चर्चा के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

प्रभारी मंत्री ने बताया कि विधायक अतिक्रमण पर कार्यवाही न होने को लेकर नाराज हैं। वे अपनी मांग पर कायम हैं। फिर भी मनाने की कोशिश की जाएगी। विधायक को कब तक नजरबंद रखा जाएगा, इस सवाल के जवाब में लखन पटेल ने कहा कि मैं ऊपर बात करूंगा।
भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने ऐलान किया कि जैसे ही वे नजरबंद से मुक्त होंगे, उन्हें यहां से छोड़ा जाएगा, वे जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए उसी जगह यानी महादेवन मंदिर जाएंगे।

विधायक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए हिंदू समाज लगातार प्रशासन से मांग करता रहा, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसकी वजह से लोग धरने पर बैठे। कई बार आश्वासन भी दिया गया। मगर आश्वासन के बाद भी वादा पूरा नहीं किया गया।17 नवंबर को इसी मांग को लेकर स्थानीय लोग फिर से धरने पर बैठे थे। 19 नवंबर को मैं हाल जानने के लिए मौके पर पहुंचा। उसी दौरान समुदाय विशेष के लोगों ने एसपी-कलेक्टर और सभी अधिकारियों के सामने हम पर पथराव कर दिया। उनका कहां था कि मैं झारखंड चुनाव में प्रचार करने गया था। मैंने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया था कि मैं झारखंड से मऊगंज आते ही मौके पर जाऊंगा। हमारी गलती नहीं है। दूसरे पक्ष ने योजनाबद्ध तरीके से हम पर पथराव किया।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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