13 जिलों को एमपी से अलग करने का प्रस्ताव:भील प्रदेश बनाने की मांग, राज्य सरकार ने संसद पर छोड़ा
भोपाल। प्रदेश के 13 जिले अलग करके तीन अन्य राज्यों के 36 और जिलों को मिलाकर भील प्रदेश बनाने की मांग एक बार फिर उठी है। इनमें राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। इस मामले में राजस्थान के बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में 18 जुलाई को आदिवासियों ने एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पास कर दिया।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी संगठन 12 साल से अलग भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। रतलाम जिले के सैलाना से भारत आदिवासी पार्टी के इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार विधानसभा में भी ये मामला उठा चुके हैं। सरकार ने विधानसभा में जवाब दिया कि नए राज्य के निर्माण का प्रस्ताव संसद में पास होता है।
अलग भील प्रदेश की मांग क्यों की जा रही है? इस सवाल के जवाब में जय आदिवासी संगठन (जयस) के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा कहते हैं कि ये मांग आजादी से पहले की है। जब देश में भाषा के आधार पर पंजाब, गुजरात व महाराष्ट्र का गठन हो सकता है, तो भीली बोली के आधार पर अलग भील प्रदेश क्यों नहीं बनाया जा सकता है।



