Loksabha : ‘आप मुझसे सवाल नहीं पूछ सकते’, जब राहुल गांधी और ओम बिरला के बीच छिड़ी तीखी बहस, सदन में हंगामा

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र चल रहा है। सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच बयानबाजियों का दौर भी जारी है। उधर सदन की कार्यवाही के दौरान एक खास बात भी देखने को मिली है। दरअसल, सदन में स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बीच भी गहमा गहमी देखने को मिली। राहुल गांधी जब सदन को संबोधित कर रहे थे तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोक दिया।

दरअसल, राहुल गांधी केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थे। इस दौरान उन्होंने महाभारत काल के चक्रव्यूह का जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि अभिमन्यु को छह लोगों ने मारा था, उनके नाम कर्ण, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, कृतवर्मा, अश्वथामा और शकुनि थे। राहुल ने आगे कहा, ‘आज भी चक्रव्यूह में छह लोग हैं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजीत डोभाल, अंबानी और अदाणी कंट्रोल कर रहे हैं।’ इस बीच लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी को टोक दिया।

लोकसभा स्पीकर ने क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को टोकते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, ‘आप संवैधानिक पद पर हैं। आपके कई माननीय सदस्यों ने मुझे लिखकर दिया है कि जो भी इस सदन का सदस्य नहीं है, उनका नाम नहीं लेंगे। आपने लिखकर दिया है क्या आप उसकी पालना नहीं करना चाहते? मैं नेता प्रतिपत्र से ये अपेक्षा करूंगा कि वे सदन की नियमों और मर्यादा को बनाए रखें।’

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राहुल गांधी को लोकसभा स्पीकर ने दोबारा टोका
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं तो मैं इस सूची से एनएसए अजीत डोभाल, अंबानी और अडानी का नाम हटा लेता हूं।’ राहुल के ऐसा कहते ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें फिर से टोका। लोकसभा स्पीकर ने कहा, ‘सदन की नियम प्रक्रियाओं से सदन चलता है।’ इसके जवाब में राहुल गांधी ने फिर कहा कि अगर आप कहते हैं तो मैं सूची से तीनों के नाम निकाल देता हूं। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष के सांसदों राहुल गांधी के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा

इससे पहले राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आप चाहते हैं कि हिंदुस्तान छोटे-छोटे खांचों में रहे। हिंदुस्तान के गरीब लोक सपना न देख पाएं। सिर्फ अदाणी और अंबानी…’। इस बीच लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी को टोक दिया। ओम बिरला ने कहा, ‘माननीय सदस्य, आपके उपनेता मुझे लिखित में पत्र दे गए हैं कि कोई सदस्य, जो इस सदन का सदस्य नहीं है, उसके बारे में टिप्पणी नहीं करेंगे।’ इसके बाद राहुल गांधी ने कहा,’स्पीकर सर, मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूं।’ लोकसभा स्पीकर ने फिर से राहुल गांधी को टोकते हुए कहा, ‘आप मुझसे सवाल नहीं पूछ सकते।’

किरेन रिजिजू ने भी राहुल गांधी को टोका
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राहुल गांधी को टोका। दरअसल, राहुल गांधी जब सदन में अंबानी और अडानी का नाम ले रहे थे तो किरेन रिजिजू ने उन्हें टोक दिया। रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन के नियमों की जानकारी नहीं है।

राहुल के भाषण की 9 मुख्य बातें…

1. किसान MSP पर गारंटी मांग रहे, आप 3 काले कानून ले आए
राहुल ने कहा- किसान आपसे एमएसपी की लीगल गारंटी की मांग कर रहे हैं। आपने उनको बॉर्डर पर रोक रखा है। किसान मुझसे मिलने यहां आना चाहते थे। आपने उनको यहां आने नहीं दिया आपने किसानों के लिए क्या किया, तीन काले कानून लाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि सदन में गलत ना बोलें।

2. जिनके पास देश का बिजनेस, उन पर बोलने से रोकना मंजूर नहीं
कांग्रेस सांसद बोले- ये जो दो लोग (अंबानी-अडाणी) हैं, ये हिंदुस्तान के इंफ्रास्ट्रक्चर को और बिजनेस को कंट्रोल करते हैं। इनके पास एयरपोर्ट्स हैं, टेलीकॉम हैं, अब रेलवे में जा रहे हैं। इनके पास हिंदुस्तान के धन की मोनोपॉली है। अगर आप कहो कि इनके बारे में नहीं बोल सकते तो ये हमें स्वीकार नहीं है। हमें तो बोलना है।

3. स्पीकर से बोले- क्या अंबानी-अडाणी को A1, A2 कह सकता हूं
राहुल की स्पीच में चक्रव्यूह के 6 किरदारों के जिक्र पर सत्तापक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा- जो सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम नहीं जाना चाहिए। इस पर राहुल ने कहा कि आप कहते हैं तो एनएसए, अंबानी और अडाणी का नाम निकाल देता हूं। फिर राहुल ने पूछा- क्या इन्हें A1, A2 कह सकता हूं।

4. फोटो दिखाकर कहा- देश में 73% पिछड़े-दलित, इन्हें कहीं जगह नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने बजट की हलवा सेरेमनी का फोटो दिखाते हुए कहा कि इसमें एक भी आदिवासी, दलित या पिछड़ा अफसर नहीं दिख रहा है। 20 अफसरों ने बजट तैयार किया। आपने एक माइनॉरिटी और एक ओबीसी को रखा, बाकी को तो फोटो में आने ही नहीं दिया। देश में तकरीबन 73 फीसदी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग हैं, लेकिन इनको कहीं जगह नहीं मिलती।

5. बजट के जरिए मिडिल क्लास की पीठ और छाती में छुरी मारी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट से पहले मिडिल क्लास प्रधानमंत्री को सपोर्ट करता था। कोविड के समय जब थाली बजाने को कहा तब मिडिल क्लास ने थाली बजाई। आपने कहा कि मोबाइल फोन की लाइट जलाओ तो जलाई, लेकिन आपने मिडिल क्लास की पीठ में और छाती में छुरी मारी। अब मिडिल क्लास आपको छोड़ने जा रहा है और इधर आ रहा है।

6. देश की 95% जनता जानना चाहती है- हमारी भागीदारी कितनी
कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश की 95% जनता जानना चाहती है कि बजट में हमारी भागीदारी कितनी है। बांटता कौन है, वही दो-तीन परसेंट लोग और बंटता किनमें हैं, वही दो-तीन परसेंट लोग। जाति जनगणना से देश बदल जाएगा। जाति जनगणना से आप लोग डरते हो, कांपते हो। आपने जो ये चक्रव्यूह बना रखा है, उसे हम तोड़ने जा रहे हैं। हम इस हाउस में जाति जनगणना बिल पास करेंगे।

7. बढ़ई ने बताया- अपनी बनाई टेबल देखने शोरूम नहीं जा सकता
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ महीने पहले मैंने छह-सात बढ़इयों के साथ काम किया। एक विश्वकर्मा जी से पूछा कि आप यहां वर्षों से बढ़ई का काम कर रहे हो, आपको किस बात से तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि राहुलजी मुझे दुख इस बात का होता है कि मैं ये टेबल बना रहा हूं, लेकिन जिस शो-रूम में ये टेबल रखी जाती है, मैं उसमें अंदर जा ही नहीं सकता। एक मोची ने मुझे बताया कि मेरा सम्मान सिर्फ मेरे पिता ने किया था और किसी ने नहीं किया।

8. राहुल बोले- A-1, A-2 की रक्षा के लिए संसदीय कार्य मंत्री को ऊपर से ऑर्डर मिला
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन का नियम नहीं मालूम है। उन्होंने स्पीकर को चैलेंज करके गरिमा को गिराया है। इस पर राहुल बोले- A-1 और A-2 की रक्षा करनी है, मैं समझता हूं… ऊपर से ऑर्डर आया है, इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मैं सिर्फ जो परिस्थिति बनी है, उस पर बोलने के लिए खड़ा हुआ हूं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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