MP: मुख्यमंत्री बनने लॉबिंग कर रहे डिप्टी CM शुक्ला… एमएलए ने सीएम को लिखा पत्र-आपके द्वारा दिए पद पर बैठकर आपके ही खिलाफ षडयंत्र रच रहे

भोपाल। मध्य प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्री हैं लेकिन एक डिप्टी सीएम कुछ ज्यादा ही तेज चल रहे हैं। ये हैं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल। हर रोज आधा दर्जन खबरें और फोटो जारी होते हैं उनके। सक्रिय तो रहते ही हैं। इसीलिए राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि जब भी मोहन यादव पर संकट आयेगा, राजेंद्र शुक्ल अगले सीएम होंगे।

रीवा जिले की सेमरिया सीट से विधायक अभय मिश्रा ने तो सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल पर षडयंत्र रचने का आरोप लगा दिया है। अभय मिश्रा ने सेमरिया विधानसभा में विकास कार्य रोकने और दूसरी विधानसभाओं में डिप्टी सीएम द्वारा हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। सीएम को दो पेज का लंबा लेटर लिखा है।
सीएम बनने का प्रयास कर रहे डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला
अभय मिश्रा ने वीडियो जारी कर कहा- हमारे यहां डीसीएम यानि डिप्टी चीफ मिनिस्टर शुक्ला जी हमारे क्षेत्र में विकास कार्य रोक रहे हैं। सभी विधानसभाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं। ये पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। जबकि हमारी नॉलेज में इनका पद कैबिनेट के द्वारा प्रदत्त दर्जा है। कैबिनेट के मुखिया सीएम होते हैं। और मुखिया होने के नाते उनको असीमित अधिकार प्राप्त होते हैं। इनका दर्जा एक कैबिनेट मंत्री का है। लेकिन, यहां अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं निलंबित करा देंगे, स्थानांतरित करा देंगे। ये मुख्यमंत्री बनने का प्रयास कर रहे हैं। ये श्रीनिवास तिवारी बनने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि श्रीनिवास तिवारी उप मुख्यमंत्री नहीं थे भगवान के घर से उनको हुनर मिला था। ये उनका कॉपी पेस्ट करना चाहते हैं।
सेमरिया की गौशाला में डोनेशन से करोड़ों कमा रहे
अभय मिश्रा ने कहा इनकी आत्मा हमारी सेमरिया में भटक रही है। एक गौशाला है जिसमें पहले भी इन्होंने जमीन का लंबा चौड़ा खेल किया है। अल्ट्राटेक, जेपी, टाटा ग्रुप बहुत सारे लोगों का बहुत सारा डोनेशन आता है। 20 से 25 करोड रुपए का इनको गायों के नाम पर डोनेशन मिलता है। 40 रुपए प्रति गाय के हिसाब से 20 हजार गायें दिखाई गई हैं तो आठ करोड रुपए वो मिलता है। उसमें पहले इनका खुद का ट्रस्ट था। उसमें इनके परिवार के ही लोग मेंबर थे। अभी भी इनके परिवार के ही लोग मेंबर है। कहने को ट्रस्ट का नाम दिखा रहे हैं है इनकी निजी संपत्ति। वहां गायें मर रहीं हैं फसल बर्बाद हो रही है ये अच्छा पैसा कमा रहे हैं। वहां जाकर ये प्रदर्शित करना चाहते हैं कि मेरा यहां दखल है वहां अधिकारियों को मीटिंग के बहाने से दबाव में लेते हैं। कि यहां कोई काम नहीं करना। हेंडपंप रोके हुए हैं। मेरे द्वारा जिला पंचायत के समय जो काम स्वीकृत हुए वो रोके हुए हैं।
रीवा रिंग रोड के ठेकेदार को परेशान किया
अभय मिश्रा ने कहा- यहां रिंग रोड में एक कॉन्ट्रेक्टर को लगभग मार ही डाला। साउथ का कॉन्ट्रेक्टर यहां 180 करोड का काम ले लिया। उसे काम नहीं करने दिया। उससे पेटी पर जबरन रेट टू रेट छुडा लिया। रेट के बाद भी आठ करोड रुपए ज्यादा ले लिए। चार महीने के बाद उसने एक्सटेंशन लगाया तो विभाग में इनका दबाव था एनएचएआई से उसे टर्मिनेट करा दिया। उसका भांजा सुसाइड कर लिया। आठ करोड की उसकी बैंक गारंटी जब्त हो गई। वो बर्बाद हो गया। उसका बीसों करोड का बिल नहीं होने दिया। फिर 50 प्रतिशत काम होने के बाद 180 करोड का टेंडर अब 250 करोड का हो गया। ये थोडे से चूक गए दूसरी कंपनी ले गई। तो इनकी आत्मा भटक रही है।
मोहन यादव को निपटाकर पद पाना चाहते हैं
सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने कहा- जैसे उत्तर प्रदेश में चल रहा है उपमुख्यमंत्री मौर्य योगी जी को निपटाने में लगे हैं। वैसे ही ये हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव को निपटाकर ये पद प्राप्त करना चाहते हैं। अभी एक महीने पहले यहां ब्राह्मणों ने जितने विधायक थे मुख्य रूप से भाजपा के और कुछ अन्य दलों के अंदर-अंदर उनकी किसी पार्टी के बहाने बैठक बुलाई थी। ये लॉबिंग करना चाहते थे। ये बात अलग है कि कोई इनको स्वीकार नहीं किया और आया नहीं। ये मुख्यमंत्री जी के द्वारा दिए गए पद पर बैठकर उन्हीं के खिलाफ षडयंत्र कर रहे हैं। ये कर कुछ ना पाएंगे लेकिन करने का प्रयास करेंगे आज नहीं तो कल बात खुलेगी तो मैंने मुख्यमंत्री जी से पूछा है कि प्रदेश का मुखिया एक ही है या उसमें भी डिवाइडेशन है। हमें बता दें अगर वो बता दें कि ये हिस्सेबांट का है तो मैं इनको भी सीएम मान लूं।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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