Tamilnadu : एक नवरत्न कंपनी को लेकर पर अड़ गए थलपति विजय? शेयर ने 5 साल में दिया 400% रिटर्न

चेन्नई। एक सरकारी कंपनी में हिस्सेदारी बेचने को लेकर केंद्र सरकार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल, केंद्र सरकार नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन (NLC) इंडिया लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। थलपति विजय ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताया है। यह कंपनी शेयर मार्केट में लिस्टेड है और इसने निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिया है।

मुख्यमंत्री विजय ने विनिवेश के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि एनएलसी इंडिया का तमिलनाडु के साथ एक ऐतिहासिक और गहरा नाता है। इसलिए राज्य सरकार सैद्धांतिक रूप से इसमें सरकारी हिस्सेदारी को कम करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ है।

तमिलनाडु के लिए कितनी अहम है यह कंपनी
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में मुख्यमंत्री विजय ने एनएलसी इंडिया के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया है कि यह कंपनी तमिलनाडु के लिए कितनी अहम है। थलपति विजय ने पत्र में इन बातों का जिक्र किया है:
एनएलसी इंडिया महज शेयर बाजार में लिस्टेड कोई आम कंपनी नहीं है, बल्कि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा, खनिज विकास और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़ी एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति है।
सरकारी हिस्सेदारी में किसी भी तरह की कमी करना (चाहे वह कितनी भी सीमित क्यों न हो), ऐसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों के मालिकाना हक को लेकर एक अवांछनीय और गलत परंपरा की शुरुआत करेगा।
यह फैसला केवल वित्तीय मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्य के लोगों के दीर्घकालिक हितों और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ेगा।

कितना दिया है शेयर ने रिटर्न?
NLC इंडिया लिमिटेड ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। शुक्रवार को यह शेयर 1.63% की गिरावट के साथ 320.20 रुपये पर बंद हुआ था। पिछले कुछ समय की गिरावट को छोड़ दें तो इसका रिटर्न अच्छा रहा है। पिछले 6 महीने में इसका रिटर्न करीब 25 फीसदी रहा है। वहीं एक साल में इसमें करीब 40 फीसदी की तेजी आई है। 5 साल में यह शेयर 400% बढ़ गया है। यानी निवेशकों को 5 गुना रिटर्न दिया है।

क्या करती है कंपनी?
एनएलसी इंडिया लिमिटेड केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी है। यह कंपनी लिग्नाइट का खनन करती है। यह लिग्नाइट कोयले की सबसे बड़ी खदान है और तमिलनाडु में स्थित है। यह प्रति वर्ष लगभग 3 करोड़ टन लिग्नाइट का उत्पादन करती है। इस लिग्नाइट का इस्तेमाल ताप विद्युत संयंत्र में बिजली बनाने के लिए किया जाता है। भारत सरकार की इसमें 72.2% हिस्सेदारी है। अभी कंपनी का मार्केट कैप 44,400.10 करोड़ रुपये है।

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