नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर गंभीर सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी का आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के लिए आधुनिक मशीनों की बजाय मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे छात्रों के परिणाम प्रभावित हुए.
छात्रों से मुलाकात के बाद उठाया मामलाराहुल गांधी ने उन छात्रों से मुलाकात की थी जिन्होंने सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर शिकायतें उठाई थीं. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूरे मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया और जांच की मांग की.
टेंडर की शर्तों में बदलाव का आरोपराहुल गांधी ने कहा कि मई 2025 में जारी सीबीएसई के टेंडर में उत्तर पुस्तिकाओं को स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से स्कैन करने की शर्त थी. इसके अलावा कॉपियों की बाइंडिंग सुरक्षित रखने और कम से कम 300 डीपीआई गुणवत्ता में स्कैनिंग करने का प्रावधान भी रखा गया था. उनका आरोप है कि अगस्त में दोबारा जारी किए गए टेंडर में इन महत्वपूर्ण शर्तों को हटा दिया गया, जिससे स्कैनिंग प्रक्रिया की गुणवत्ता कम हो गई.
निजी कंपनी पर लगाए गंभीर आरोपकांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप में बदलने का काम करने वाली कंपनी ने कॉपियों को स्कैन करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया. उनके अनुसार, इससे कई उत्तर पुस्तिकाओं की तस्वीरें धुंधली हो गईं, कुछ पन्ने स्कैन नहीं हुए और कई मामलों में पूरी कॉपियां सही तरीके से अपलोड नहीं की गईं.
‘यह सिर्फ गलती नहीं, छात्रों के साथ धोखा’राहुल गांधी ने कहा कि धुंधली प्रतियां, गायब पन्ने और बिना स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं केवल तकनीकी त्रुटियां नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा. उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के अंक मूल्यांकन में हुई कथित गड़बड़ियों के कारण प्रभावित हुए हैं, वे इस पूरी प्रक्रिया में नुकसान उठाने वाले पक्ष हैं.
छात्र शोधकर्ता की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवादराहुल गांधी ने छात्र शोधकर्ता सार्थक सिद्धांत की रिपोर्ट का भी हवाला दिया. इस रिपोर्ट में ऑनलाइन मूल्यांकन पोर्टल का ठेका दिए जाने की प्रक्रिया और डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था पर कई सवाल उठाए गए थे. रिपोर्ट सामने आने के बाद यह विवाद और गहरा गया है.
सीबीएसई से जवाब की मांगराहुल गांधी के आरोपों के बाद सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई है. विपक्ष इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. वहीं, छात्रों और अभिभावकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ गई है.
