NDA का मिशन दो तिहाई बहुमत मानसून सत्र के पहले पूरा होगा..?शरद पवार के 8 सांसदों पर भी नजर

नई दिल्ली। संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिशों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि Sharad Pawar के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरद पवार) के लोकसभा के आठ सांसद एनडीए के संपर्क में हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों के सीधे Bharatiya Janata Party में शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ने मंत्री पद दिए जाने जैसी चर्चाओं को खारिज किया है। चर्चा है कि भविष्य में इनमें से कुछ सांसद Nationalist Congress Party का रुख कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि एनसीपी (शरद पवार) के भीतर कांग्रेस में संभावित विलय की अटकलों ने कुछ सांसदों की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, कई सांसदों को 2029 के लोकसभा चुनाव में टिकट और अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर संशय है। साथ ही उनका मानना है कि केंद्र और महाराष्ट्र दोनों जगह एनडीए की सरकार होने के कारण विपक्षी सांसद के रूप में अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एनडीए इन सांसदों का समर्थन किस रूप में हासिल कर सकता है। माना जा रहा है कि भविष्य में यदि महिला आरक्षण के क्रियान्वयन, परिसीमन या अन्य संवैधानिक संशोधन से जुड़े विधेयक संसद में आते हैं, तो उन्हें पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में एनडीए अपनी संसदीय संख्या मजबूत करने की संभावनाएं तलाश रहा है।
फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक सूत्रों और अटकलों पर आधारित है। एनसीपी (शरद पवार), भाजपा या एनडीए की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन खबरों को पुष्टि होने तक राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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