भोपाल। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट यूजी) पेपर लीक मामले का मध्यप्रदेश से कनेक्शन सामने आया है। 26 जून को यूपी की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से विधायक बेदीराम का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह एक युवक से पेपर और लेन-देन की बात करता दिख रहा था।
बेदीराम यूपी की जखनियां सीट से विधायक है। पेपर लीक माफिया बिजेंद्र गुप्ता ने भी उसका नाम लिया है। बिजेंद्र पहले बेदीराम के साथ जेल भी जा चुका है। हालांकि, अब तक बेदीराम को नीट पेपर लीक में आरोपी नहीं बनाया गया है।
बेदीराम का नाम 12 साल पहले मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) के पेपर लीक से भी जुड़ा था। उस वक्त मामले की जांच करने वाली एसटीएफ ने बेदीराम, बिजेंद्र समेत 55 लोगों को आरोपी बनाया था और उनकी गिरफ्तारी भी की थी। जिस तरीके से नीट का पेपर प्रिंटिंग प्रेस से लीक होने की बात सामने आ रही है, ठीक ऐसे ही एमपीपीएससी का पेपर भी लीक करवाया गया था। छात्रों को रिसॉर्ट और होटल में बुलाकर जवाब रटवाए गए थे यानि नीट का पेपर लीक होने का जैसा पैटर्न सामने आ रहा है, वैसा ही एमपी में 12 साल पहले हो चुका है।तत्कालीन एसटीएफ के एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का यह बड़ा मामला था। 2014 में बेदीराम के गिरोह का नाम रेलवे भर्ती परीक्षा पेपर लीक में आ चुका था। लखनऊ के आशियाना थाने में बेदीराम के खिलाफ मामला दर्ज हुआ तो वह फरार हो गया। बाद में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे पकड़ा। यूपी और दिल्ली पुलिस की पूछताछ के दौरान सामने आया कि इन लोगों ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की आयुर्वेद अधिकारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक किया था। दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस को दी।