श्रीनगर। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह का तीन साल के लिए अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर मणिपुर में तबादला करने की मंजूरी दे दी है। इस कदम से यह संकेत भी मिले हैं कि हिंसाग्रस्त पूर्वोत्तर राज्य में पुलिस प्रमुख के पद के लिए वरिष्ठ एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी पर विचार किया जा सकता है।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय गृह मंत्रालय से 15 मई, 2026 को प्राप्त एक प्रस्ताव के बाद लिया गया है।
यह अनुमोदन जनहित में एक विशेष मामले के रूप में दिया गया है, जिसमें अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति को नियंत्रित करने वाले मानक नियमों में छूट दी गई है और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद अनिवार्य कूलिंग-ऑफ अवधि को माफ कर दिया गया है।
सिंह ने हाल ही में लद्दाख के डीजीपी का पदभार संभाला था। उन्हें केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2026 में इस पद पर नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने एसडी सिंह जमवाल का स्थान लिया था, जिन्हें बाद में अरुणाचल प्रदेश में तैनात कर दिया गया था। उन्होंने 15 जनवरी 2026 को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया।
एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है और 1996 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए थे। अपने करियर के दौरान, उन्होंने कई संवेदनशील पदों पर कार्य किया है, जिनमें उग्रवाद के चरम दौर में रियासी, पुलवामा, पुंछ और जम्मू में पुलिस अधीक्षक का पद शामिल है।
