भोपाल। मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव ने दोनों प्रमुख दलों में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। एक सीट पर कांग्रेस और दो सीटों पर बीजेपी का दावा मजबूत माना जा रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन को लेकर दोनों दलों में गहन मंथन चल रहा है।
कांग्रेस की ओर से सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री Kamal Nath, प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari और पूर्व केंद्रीय मंत्री Arun Yadav के नामों की हो रही है। इनके अलावा कमलेश्वर पटेल और सज्जन सिंह वर्मा भी संभावित दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे।
विधानसभा की वर्तमान संख्या को देखते हुए कांग्रेस के लिए एक सीट निकालना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है, जबकि विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान नहीं कर पाएंगे। वहीं बीना विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी अभी स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।
बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री George Kurian को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है। वे केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री हैं और दक्षिण भारत में पार्टी के प्रमुख ईसाई चेहरे के रूप में देखे जाते हैं। वे 2024 में Jyotiraditya Scindia के लोकसभा जाने के बाद खाली हुई सीट पर राज्यसभा पहुंचे थे।
दूसरी ओर Sumer Singh Solanki की सीट को लेकर भी बीजेपी में चर्चा जारी है। सोलंकी फिलहाल पार्टी के प्रदेश महामंत्री हैं और आदिवासी समाज से आते हैं। चूंकि मध्य प्रदेश में आदिवासी वोट बैंक काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए पार्टी इस सीट पर किसी नए आदिवासी चेहरे को मौका देने पर भी विचार कर सकती है। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और दिल्ली हाईकमान के स्तर पर होना तय माना जा रहा है।
18 जून को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा में अगले छह वर्षों के लिए कौन-कौन प्रतिनिधित्व करेगा।
