NEET मामले में भड़की संसदीय समिति, पूछा – पेपर लीक नहीं हुआ तो क्यों रद्द हुई परीक्षा? NTA प्रमुख से पूछे कई सवाल…

नई दिल्ली। संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति की बैठक में गुरुवार को National Testing Agency (एनटीए) के अधिकारियों से नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर तीखे सवाल पूछे गए। अधिकारियों ने दावा किया कि प्रश्नपत्र उनके सिस्टम से लीक नहीं हुआ और मामले की जांच Central Bureau of Investigation (सीबीआई) कर रही है।
बैठक में शिक्षा सचिव Vineet Joshi, एनटीए अध्यक्ष Pradeep Kumar Joshi और महानिदेशक Abhishek Singh मौजूद थे। सांसदों ने पूछा कि यदि पेपर एनटीए सिस्टम से लीक नहीं हुआ, तो आखिर लीक कैसे हुआ और परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी। सूत्रों के मुताबिक, एनटीए महानिदेशक इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और उन्होंने कहा कि जांच सीबीआई कर रही है।

बैठक में विपक्षी सांसदों ने जांच रिपोर्ट समिति के सामने रखने की मांग की, जबकि कुछ भाजपा सांसदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई को स्वतंत्र रूप से जांच करने दी जानी चाहिए। विपक्षी सांसदों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर जनता के विश्वास को प्रभावित करती हैं। समिति के सदस्यों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की आवश्यकता बताई। साथ ही यह भी अपेक्षा जताई गई कि भविष्य की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और छात्रों का भरोसा बना रहे।

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एनटीए अधिकारियों ने समिति को बताया कि K. Radhakrishnan समिति की लगभग 70% अल्पकालिक सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं। इनमें परीक्षा सुरक्षा मजबूत करना, विस्तृत एसओपी और चेकलिस्ट तैयार करना, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और पेपर सेटिंग व वितरण में भरोसेमंद लोगों की भागीदारी शामिल है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में NEET-UG 2026 को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही क्लाउड सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने की योजना है।
बैठक में सांसदों ने एनटीए में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी में लगभग 25% पद खाली हैं और इन्हें भरने की प्रक्रिया जारी है।
समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद Digvijaya Singh ने बैठक के बाद कहा कि समिति की कार्यवाही गोपनीय होती है, इसलिए वह विस्तृत जानकारी साझा नहीं कर सकते, लेकिन बैठक “बहुत अच्छी” रही और सभी सदस्यों ने अपनी चिंताएं

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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