CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का बढ़ा कार्यकाल, नई नियुक्ति पर नहीं बन पाई थी सहमति

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया. भारत सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने प्रवीण सूद को एक साल के लिए और बढ़ाने का फैसला लिया है. यह विस्तार 24 मई 2026 के बाद से प्रभावी होगा. अब वे मई 2027 तक CBI के डायरेक्टर बने रहेंगे.
पिछले साल भी केंद्र सरकार ने सीबीआई के निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया था. तब उनका कार्यकाल 25 मई 2025 को समाप्त होने वाला था, जिसे 24 मई 2026 तक बढ़ा दिय गया था. उन्होंने 25 मई 2023 को दो साल की अवधि के लिए सीबीआई निदेशक का पद ग्रहण किया था और तब से उन्हें दो बार एक्सटेंशन मिला है.
CBI के नए डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर मंगलवार (12 मई 2026) को प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूद रहे. बैठक के बाद राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कड़ा विरोध दर्ज कराया.
राहुल गांधी ने CBI निदेशक चयन प्रक्रिया का जताया विरोध
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण है और वह इसमें शामिल होकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई निदेशक चयन प्रक्रिया पर अपना विरोध दर्ज कराया है. मैं एक पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकता. नेता प्रतिपक्ष कोई रबर स्टैंप नहीं है.’
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बार-बार केंद्रीय जांच ब्यूरो का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया है. उन्होंने कहा कि इसी संस्थागत दुरुपयोग को रोकने के लिए चयन समिति में नेता प्रतिपक्ष को शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें प्रक्रिया में कोई सार्थक भूमिका नहीं दी गई।






