नई दिल्ली। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में शीर्ष नौकरशाहों की लंबी पारी को लेकर नए कीर्तिमान बन रहे हैं। केंद्र में टॉप नौकरशाह यानी ‘कैबिनेट सचिव’ के पद पर एक ही ‘आईएएस’ की नियुक्ति, आजादी से लेकर अभी तक के ब्यूरोक्रेट्स में यह एक रिकाॅर्ड बन गया है। राजीव गौबा ने सबसे लंबे समय तक कैबिनेट सचिव रहने वाले अधिकारी का दर्जा हासिल किया है।
उन्हें 2019 में दो साल के लिए कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया था। बाद में वे सेवा विस्तार के जरिए अभी तक इस पद पर काम कर रहे हैं। वे 30 अगस्त को रिटायर होंगे। उनकी जगह पर टीवी सोमनाथन को कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला भी देश में दूसरे लंबे कार्यकाल वाले होम सेक्रेटरी बन गए हैं। उनसे पहले एलपी सिंह 18 सितंबर 1964 से एक जनवरी 1971 तक केंद्रीय गृह सचिव रहे थे।
बता दें कि एनडीए सरकार में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर ‘सेवा विस्तार’ की मेहरबानी बरसती रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत नौकरशाहों को सेवा विस्तार दिया जाता रहा है। मौजूदा कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, झारखंड कैडर के 1982 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 2019 में दो साल के लिए कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे केंद्रीय गृह सचिव थे। 2021 में राजीव गौबा को पहला सेवा विस्तार मिला। अगस्त 2022 में उन्हें दोबारा से एक साल का सेवा विस्तार प्रदान किया गया। गत वर्ष उन्हें तीसरा सेवा विस्तार दिया गया था। वे इस वर्ष तीस अगस्त तक कैबिनेट सचिव के पद पर काम करते रहेंगे। यह कार्यकाल पूरा करने के बाद वे देश में सबसे लंबे समय तक कैबिनेट सचिव के पद पर कार्य करने वाले नौकरशाह बन जाएंगे। इससे पहले कैबिनेट सचिव पद पर सबसे लंबा कार्यकाल बीडी पांडे का था। बीडी पांडे, दो नवंबर, 1972 से 31 मार्च, 1977 तक कैबिनेट सचिव रहे थे।
असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अजय कुमार भल्ला को 23 अगस्त 2019 में केंद्रीय गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। भल्ला को नवंबर 2020 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उससे पहले ही केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2020 में उन्हें एक साल का सेवा विस्तार देकर उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2021 तक बढ़ा दिया था। उसके बाद उन्हें दूसरा और तीसरा सेवा विस्तार दिया गया। पिछले साल उन्हें 22 अगस्त 2024 तक चौथा सेवा विस्तार प्रदान कर दिया गया। चूंकि अब नियमानुसार, इससे ज्यादा सेवा विस्तार नहीं दिया जा सकता था, इसलिए केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गोविंद मोहन को नया गृह सचिव नियुक्त किया है। गोविंद मोहन 22 अगस्त को देश के नए केंद्रीय गृह सचिव पद का कार्यभार संभालेंगे।
अजय भल्ला से पहले राजीव गौबा 31 अगस्त 2017 से 22 अगस्त 2019 तक गृह सचिव रहे थे। राजीव महर्षि 31 अगस्त 2015 से 30 अगस्त 2017 तक इस पद पर रहे। अधिकांश गृह सचिव दो वर्ष तक ही इस पद पर रहे हैं। दो वर्ष से ज्यादा कार्यकाल तक गृह सचिव के पद पर रहने वालों में कमल पांडे ‘5 मई 1999 से 15 अक्तूबर 2002 तक’ का नाम शामिल है।
इनके अलावा के.पद्मनाभैया एक जून 1994 से 31 अक्तूबर 1997 तक गृह सचिव के पद रहे थे। टीसीए श्रीनिवासावरदान 31 मार्च 1977 से लेकर 29 फरवरी 1980 तक गृह सचिव रहे थे। गोविंद नारायण एक जनवरी 1971 से 18 मई 1973 तक इस पद रहे। एलपी सिंह 18 सितंबर 1964 से एक जनवरी 1971 तक गृह सचिव रहे थे। अभी तक गृह सचिव के पर एलपी सिंह का कार्यकाल ही सर्वाधिक रहा है। वे करीब सात वर्ष तक गृह सचिव के पद पर रहे थे।
वी. विश्वानाथन 27 नवंबर 1961 से 18 सितंबर 1964 तक गृह सचिव रहे। बीएन झा 15 जनवरी 1958 से लेकर 26 सितंबर 1961 तक गृह सचिव पर रहे। ए.वी राय ने एक मार्च 1953 से लेकर 14 जनवरी 1958 तक गृह सचिव के पद पर कार्य किया था। एचवीआर अय्यंगर ने पहली अगस्त 1948 से 28 फरवरी 1953 तक गृह सचिव के पद पर कार्य किया था। खास बात है कि देश के पहले गृह सचिव आरएन बनर्जी ने 5 मई 1947 से लेकर दो जुलाई 1948 तक इस पद पर कार्य किया था।