SDM के ड्राइवर की बेटी बनी IAS, खुशी से पिता की आंखें हुईं नम, बोले- मौका मिला तो बेटी की भी गाड़ी चलाऊंगा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जखनियां ब्लॉक के गौरा खास गांव की रहने वाली प्रियंका चौधरी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 79वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
प्रियंका के पिता नीरा राम तहसील जखनियां में एसडीएम के ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं और वर्तमान में तहसील के रिकॉर्ड रूम में नजारत पद पर तैनात हैं. बेटी की इस उपलब्धि पर उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर मौका मिला तो वह बेटी का भी वाहन चलाने में गर्व महसूस करेंगे.
जखनियां के स्कूल से BHU तक का सफर
प्रियंका ने अपनी शुरुआती शिक्षा जखनियां के श्री महावीर सूर्योदय उत्तर माध्यमिक विद्यालय से प्राप्त की. इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई शहीद इंटर कॉलेज से पूरी की. आगे की पढ़ाई और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने वाराणसी स्थित बीएचयू में रहकर मेहनत की.
संघर्ष के बीच हासिल की सफलता
प्रियंका की सफलता की कहानी संघर्ष से भरी रही. पिछले एक साल में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा. उनके इकलौते भाई रितेश उर्फ गोल्डी का बीमारी के कारण निधन हो गया, जबकि तीन महीने पहले उनकी मां शांति देवी का भी आकस्मिक निधन हो गया. इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रियंका ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करती रहीं. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की.
बहन ने भी दिया पूरा साथ
प्रियंका की बड़ी बहन प्रीति ने बताया कि उन्हें अपनी बहन की सफलता पर बहुत गर्व है. उन्होंने कहा कि घर के कामकाज की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने प्रियंका को पढ़ाई के लिए पूरा समय देने की कोशिश की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है.
प्रियंका की सफलता से जखनियां क्षेत्र और गाजीपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है. क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जिले के लिए गर्व का पल बताया है. प्रियंका चौधरी की यह सफलता न सिर्फ गाजीपुर, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.





