Bhopal : हाई कोर्ट आदेश के विरुद्ध तहसीलदार करा रहे मकान पर अवैध कब्जा…!

भोपाल। राजधानी भोपाल की कोलार तहसील में पदस्थ तहसीलदार यशवर्धन सिंह द्वारा हाई कोर्ट के विरुद्ध जाकर बगमुगलिया क्षेत्र स्थित संत आशाराम नगर के मकान नंबर पी 40 का कव्जा दिलाने के आदेश दिए जा रहे हैं जबकि यह क्षेत्र तहसीलदार बैरागढ़ चिचली नरेन्द सिंह परमार का है मामले में पीड़ित अक्षत तिवारी ने बताया की मेरे मकान का विवाद एसडीओ कोलार के यहां चल रहा था जिस पर हाई कोर्ट द्वारा बदलकर मकान नंबर पी 40A का कब्जा दिलाने का आदेश दिया गया जो की मेरे पडोस वाला मकान है लेकिन तहसीलदार यशवर्धन सिंह द्वारा हाई कोर्ट का आदेश न मानते हुए मेरे मकान का अवैध कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है इसमें लिप्त सभी अधिकारिओं की एसपी लोकयुक्त को शिकायत की है जिस पर उन्होंने कड़ी कारवाही का आश्वासन दिया है।
जल्दबाजी में जारी किए आदेश
कोलार तहसील में नियम नही चलते दलाल सक्रिय रहते हैं यहां इन्होने हर काम का रेट तय किया हुआ है जिसे देकर कोई भी काम कराया जा सकता है। ऐसे ही जल्दबाजी में तहसीलदार यशवर्धन सिंह द्वारा जो कब्जा दिलाने दल गठित किया है उसमें आरआई राजू थेपे और पटवारी प्रियंका सिलावट का नाम है जो बगमुगलिया क्षेत्र की पटवारी भी नही है। इस आदेश में हाई कोर्ट के आदेश से अलग P-40 संत आशाराम नगर का कब्जा दिलाने की बात कही साथ ही पुलिस प्रशासन की सहायता भी चाही गई है।
इस दल में शामिल आरआई राजू थेपे 7 वर्षों से अधिक समय से कोलार तहसील में पदस्थ हैं इस बीच भोपाल जिले के 4 चार कलेक्टर बदल गए लेकिन थेपे आज भी वही पदस्थ हैं। थेपे पर बिल्डरों से साठ गांठ कर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसवाने के भी आरोप है.
यशवर्धन सिंह की कार्य प्रणाली पर हमेशा रही विवादित
यशवर्धन सिंह कोलार तहसील में प्रभारी तहसीलदार के पद पर नियुक्त हैं सूत्रों ने बताया कार्य करने के तरीके से एसडीओ भी नाखुश रहते हैं यह अपने यह चल रहे मामलों में सीधे ही कॉल कर और दूसरे अपने अधिकारिओं और कर्मचारियों के काम में भी दखल देते हैं। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक अधिकारी ने बताया कि तहसीलदार यशवर्धन सिंह कलेक्टर के आदेश को भी नही मानते उनकी बहुत शिकायते हमरे यहां आतीं हैं।





